वाराणसी में नाग-नथैया लीला देखने गंगा तट पर उमड़ा जनसैलाब, 450 वर्षों से चली आ रही परंपरा

0
72
.

वाराणसी। तुलसीघाट पर काशी के लख्खा मेले में शुमार नाग-नथैया लीला का भव्य आयोजन बुधवार शाम को हुआ। गोस्वामी तुलसीदास के जीवन काल से प्राचीन कृष्ण लीला की शुरुआत हुई थी। लीला में भगवान कृष्ण द्वारा जमुना नदी में कालिया नाग के मर्दन को दर्शाया जाता है। यहां तुलसीघाट की लीला का आयोजन गंगा में किया जाता है।

कदम के 20 फिट ऊंचे पेड़ से भगवान कृष्ण छलांग लगाते हैं

अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के महंत प्रोफेसर विशंभरनाथ मिश्रा ने बताया कि तुलसीदास का महत्वपूर्ण जीवन काल यहां गुजरा था। उसी काल खंड में उन्होंने इस लीला को आरंभ किया था। लीला में भगवान कृष्ण मित्रों संग गेंद खेलते है। गेंद के गंगा में जाते ही वे कदम के पेड़ से छलांग लगाते हैं। जब वे बाहर आते हैं, तो कालिया नाग का मर्दन करते हुए बांसुरी बजाते भक्तों को दर्शन देते हैं।

कोविड-19 को लेकर जारी किए गए थे 200 पास

कोविड-19 को देखते हुए 200 पास ही जारी किए गए थे। माना जाता है कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में एक लाख से ज्यादा लोग इकट्ठा होते हैं। बुधवार को भी लीला देखने के लिए तुलसीघाट, भदैनी, शिवाला समेत आसपास के घाट भक्तों से भरे थे।

 

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here