1 लाख रुपये नहीं देने पर पुलिस ने गढ़ी मुठभेड़ की झूठी कहानी, ग्रामीणों के आरोप पर जांच का आदेश

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सुल्तानपुर. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter) सवालों के घेरे में है. मामला सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना इलाके का है. पुलिस ने दो दिन पहले जिस युवक को कथित मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, शुक्रवार को उसी युवक के पक्ष में गांववाले डीएम आफिस पहुंच गए. और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर मुठभेड़ को फर्जी बताया. जिसके बाद डीएम रवीश गुप्ता ने सीओ बल्दीराय को मामले की जांच का आदेश दिया है.

पुलिस के मुताबिक गत 25 नवंबर को वाहन चेकिंग के दौरान बल्दीराय थाना क्षेत्र में बिसावा गांव के पास पुलिस ने विशाल सिंह पुत्र बलवंत सिंह को रोका. जिस पर विशाल सिंह ने पुलिस फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे एक तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया. बतौर पुलिस गिरफ्तार युवक पर जिले के विभिन्न थानों में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. गुरुवार को उसे जेल भेज दिया गया.

लेकिन मात्र 24 घंटे में ही पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गये. शुक्रवार को बिसावा गांव के लोग डीएम आफिस पहुंचे और पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठा दिए.

विशाल की मां एवं ग्राम प्रधान पुष्पा सिंह ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज उनके पति से एक लाख रुपए मांग रहे थे. पैसे नहीं देने पर बेटे की हत्या करवा देने की धमकी दी थी. पति ने पैसे देने से मना कर दिया, तो मुठभेड़ की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस ने बेटे को फंसा दिया.डीएम रवीश गुप्ता ने बताया कि विशाल सिंह ने स्वीकार किया है कि उसके द्वारा फायरिंग की गई थी. ये अपराध है, लेकिन घरवालों ने आरोप लगाया कि संबंधित चौकी इंचार्ज ने उन्हें फंसाने की धमकी दी थी. आरोप गंभीर है, इसलिए सीओ बल्दीराय को जांच के निर्देश दिए गए हैं.

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