AUS vs IND: अंतिम टेस्ट से पहले टीम इंडिया पर सबसे बड़ा संकट, बुमराह के बाद अब ये 2 दिग्गज खिलाड़ी भी टीम से बाहर हो सकते हैं…

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स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम इंडिया के खिलाड़ियों की इंजरी ने टीम मैनेजमेंट और कप्तान अजिंक्य रहाणे की टेंशन काफी बढ़ाई है। सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच 15 जनवरी से ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर खेला जाना है और इससे पहले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी चोटिल हो गए हैं, इसके अलावा टॉप ऑर्डर बल्लेबाज मयंक अग्रवाल भी प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हो गए। इन दोनों के अलावा हनुमा विहारी और रविंद्र जडेजा पहले ही ब्रिसबेन टेस्ट से इंजरी के चलते बाहर हो गए हैं।

बुमराह को पेट में खिंचाव की शिकायत है, तो वहीं मयंक नेट पर बल्लेबाजी के दौरान हाथ चोटिल कर बैठे, जिसके बाद ऐसा लग रहा है कि उनको हेयरलाइन फ्रैक्चर हो सकता है। स्थिति और बदतर हो गई जब सिडनी टेस्ट के अंतिम दिन साढ़े तीन घंटे बल्लेबाजी के बाद रविचंद्रन अश्विन की पीठ की जकड़न की समस्या बढ़ गई, जिससे भारत के पास अधिक विकल्प नहीं बचे हैं। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के अहम सदस्य बुमराह को यह खिंचाव सिडनी में ड्रॉ हुए तीसरे टेस्ट के दौरान आया।

जानकारी के मुताबिक बुमराह के स्कैन की रिपोर्ट में खिंचाव का पता चला है और भारतीय टीम मैनेजमेंट इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट की आने वाली सीरीज को देखते हुए उनकी चोट के बढ़ने का जोखिम नहीं लेना चाहता। बीसीसीआई सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘सिडनी में फील्डिंग करते हुए जसप्रीत बुमराह के पेट में खिंचाव आ गया था। वह ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर रहेगा लेकिन उसके इंग्लैंड के खिलाफ उपलब्ध रहने की उम्मीद है।’ भारत टीम ने राहत की सांस ली है कि बुमराह की चोट गंभीर नहीं है लेकिन वे ब्रिसबेन में सतर्कता बरतना चाहते हैं क्योंकि टेस्ट मैच के बीच में चोटिल होने पर ज्यादा असर पड़ेगा।

बुमराह को 50 फीसदी फिटनेस के साथ उतारना जोखिम से भरा

सूत्र ने कहा, ‘अगर हम 50 फीसदी फिटनेस के साथ उसे खिलाने का जोखिम उठाते हैं, ऐसे में अगर उसकी चोट बढ़ जाए और वह मैच के बीच से बाहर हो जाए और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के अधिकतर हिस्से से भी बाहर हो जाए तो।’ उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड आखिरी सीरीज है, जिससे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का क्वालीफिकेशन तय होगा और हम इसके दावेदार हैं और हमें फिट बुमराह की जरूरत है।’ अब उम्मीद की जा रही है कि दो टेस्ट खेलने वाले मोहम्मद सिराज भारतीय आक्रमण की अगुवाई करेंगे और 15 जनवरी से शुरू हो रहे ब्रिसबेन टेस्ट में नवदीप सैनी, शार्दुल ठाकुर और टी नटराजन उनका साथ देंगे।

नटराजन का डेब्यू करना लगभग तय

बुमराह को अगर पूरी फिटनेस के बिना उतारने का जोखिम नहीं लिया जाता तो फिर नटराजन को डेब्यू का मौका मिलेगा। भारतीय टीम में समस्या यह है कि चोटिल लोकेश राहुल के जाने और हनुमा विहारी की ग्रेड 2 की चोट के बाद मिडिल ऑर्डर में विकल्प नहीं बचे हैं। दो उपलब्ध बल्लेबाज खराब फॉर्म से जूझ रहे सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्य खिलाड़ियों के नहीं होने और लंबे निचले क्रम को देखते हुए भारत छह बल्लेबाजों और चार गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला करता है या नहीं। ऐसी स्थिति में ऋषभ पंत विकेटकीपर होंगे। अग्रवाल के स्कैन में हालांकि फ्रेक्चर की जगह मामूली चोट का पता चलता है तो ऐसे में पृथ्वी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं और इसके बाद चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और अग्रवाल का नंबर हो सकता है। अगर भारत पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला करता है तो तेज गेंदबाजी आक्रमण का कुल अनुभव चार टेस्ट (सिराज- दो टेस्ट, सैनी- एक टेस्ट, ठाकुर- एक टेस्ट, नटराजन- कोई टेस्ट नहीं) मैच का होगा।

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