12 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद 5 दिन तक लापता थे हनुमा विहारी, फिर टीम को जीत दिलाते हुए मिले

0
139
.

स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. पहले खराब बल्‍लेबाजी के लिए तो फिर खराब फील्डिंग के लिए. फैंस ने तो यहां तक कह दिया था कि विहारी इंटरनेशनल स्‍तर के खिलाड़ी हैं ही नहीं, मगर सिडनी टेस्‍ट के आखिरी दिन आर अश्विन के साथ मिलकर उन्‍होंने जो कर दिखाया, उसने हर आलोचक की बोलती बंद कर दी. 407 रनों के लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया सिडनी टेस्‍ट के पांचवें दिन ऋषभ पंत और चेतेश्‍वर पुजारा के आउट होने के बाद मुश्किल में पड़ गई थी.

टीम पर हार का संकट मंडरा रहा था. ऐसे में अश्विन और विहारी ने दिन का खेल समाप्‍त होने तक बल्‍लेबाजी कर मैच ड्रॉ करवा दिया. हनुमा 23 रन और अश्विन 39 रन पर नाबाद लौटे. इसके बाद चारों तरफ विहारी के जज्‍बे की तारीफ हो रही है. दरअसल बल्‍लेबाजी के दौरान वह हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे थे. इसके बावजूद उन्‍होंने 161 गेंदों का सामना किया और विकेट पर जमे रहे.

करीब 5 दिन तक लापता रहे थे विहारी 

उनकी चोट इस कदर गंभीर हो गई थी कि मैच खत्‍म होने के बाद ड्रेसिंग रूम में लौटते समय भी वह बल्‍ले का सहारा लेकर चल रहे थे. विहारी के इस जज्‍बे को हर कोई सलाम कर रहा है. दर्द सहकर भी वह टीम के लिए लड़े. दर्द सहकर भी लड़ने की यही ताकत उन्‍होंने 12 साल की उम्र में भी दिखाई थी. जब पिता के निधन से टूटने के बाद भी वह टीम को मैच जिताने की कोशिश करते हुए पाए गए थे.

दरअसल जब विहारी 12 साल के थे तो उस समय उनके पिता ने दुनिया को अलविदा कह दिया था. पिता की मौत से विहारी इस कदर टूट गए थे कि वो करीब 5 दिन तक लापता रहे थे. उसके बाद उनकी मां को पता चला कि वह स्‍कूल की टीम को मैच जिता रहे थे. उस मैच में उन्‍होंने 82 रन बनाए थे.
Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here