यूपी में शूट होने के बावजूद अमिताभ जैसे स्टार्स की फिल्मों को सब्सिडी नहीं दे सकेगी राज्य सरकार

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फिल्म डेस्क। कोरोना और लॉकडाउन के चलते 9 महीनों तक सिनेमाघर बंद रहे। ऐसे में इस साल कई मेकर्स ने अपनी फिल्में बड़े पर्दे की बजाय जगह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज कर दीं। इसकी कीमत उन्‍हें यूपी सरकार से मिलने वाली सब्सिडी गंवाकर पर चुकानी पड़ सकती है। सरकार के अपर मुख्‍य सचिव नवनीत सहगल के साथ काम करने वालों ने दैनिक भास्कर को बताया, “फिल्‍म पॉलिसी के मुताबिक, सरकारी सब्सिडी उन्‍हीं फि‍ल्मों को मिलती है, जो टीवी या डिजिटल प्लेटफॉर्म से पहले सिनेमाघरों में रिलीज हों। लेकिन इस साल कोरोना और लॉकडाउन के चलते सिनेमाघर बंद रहे।”

निकाला जा रहा बीच का रास्ता

अगर यूपी सरकार की सब्सिडी पॉलिसी के हिसाब से देखें तो अमिताभ बच्चन, आयुष्मान खुराना स्टारर ‘गुलाबो सिताबो’, जाह्नवी कपूर स्टारर ‘ गुंजन सक्‍सेना’ और कोंकणा से शर्मा स्टारर‘डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे’ जैसी कई फिल्मों को सब्सिडी मिलनी मुश्किल है।

इन फि‍ल्मों की 70 फीसदी से ज्यादा शूटिंग लखनऊ, बनारस, नोएडा और इनके आसपास के इलाकों में हुई थी। इसलिए ये सब्सिडी के हकदार थीं, लेकिन ओटीटी रिलीज के चलते ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं। फिर भी बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। इन फिल्मों मेकर्स को 6-8 महीनों की डेडलाइन दी जा रही है। अगर वो फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज करते हैं तो शायद बात बन जाए।

कितनी सब्सिडी मिलती है?

सब्सिडी के तहत मेकर्स को उनकी लागत की 25 फीसदी रकम दी जाती है। इसकी अधिकतम सीमा 2 करोड़ रुपए तक है। यानी फिल्‍म की लागत 8 करोड़ रुपए हो या उससे ज्यादा, सब्सिडी 2 करोड़ रुपए की ही मिलेगी।

कहां बन रही यूपी की फिल्मसिटी

नवनीत सहगल ने ग्रेटर नोएडा में बनने वाली फिल्मसिटी के बारे में जानकारी भी दी। उन्‍होंने कहा, “फिल्मसिटी मुख्‍य रूप से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के राबूपुरा और जेवर इलाके में बनेगी। इसका जिम्मा सीबीआरआई, साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। कंपनी को अगले दो महीने में डीपीआर बनाकर देना है। साथ ही इस बारे में बॉलीवुड के दिग्गज लोगों से भी लगातार संपर्क में रहा जा रहा है।”

अक्षय कुमार ने दिया अहम सुझाव

मिसाल के तौर पर मुंबई में सीएम योगी से मुलाकात में अक्षय कुमार ने बहुमू्ल्य सुझाव दिए। उन्‍होंने कहा कि फिल्मसिटी 1000 एकड़ में फैली हुई होगी। यह बहुत बड़ा एरिया है। यहां बनने वाले स्टूडियोज के अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होने पर हॉलीवुड के मेकर्स भी नोएडा शूट करने आएंगे।

नतीजतन विश्वस्तरीय फिल्मसिटी बनाने के साथ-साथ प्रशासन का जोर नवीनतम तकनीक वाले संसाधनों को जुटाने पर भी होना चाहिए। फिल्मसिटी का निर्माण पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत होगा। स्टूडियो बन जाने पर उन्‍हें रेंट आउट किया जाएगा। ताकि नोएडा में पहले से मौजूद एक अन्य फिल्मसिटी जैसा हाल न हो। वहां फिल्मसिटी की बजाय न्यूज चैनल्स के दफ्तर हैं।

अक्षय अगले साल शूट करेंगे ‘राम सेतु’

नवीनतम डेवलपमेंट यह भी है कि अक्षय कुमार अगले साल से ही अयोध्या में अपनी फिल्म‘राम सेतु’ की शूटिंग करेंगे। इस बारे में उन्‍होंने अपनी तैयारियों को भी सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ शेयर किया है। कंगना रनोट भी अपनी ‘अपराजित अयोध्या’ बनाने में जुट रही हैं। अयोध्या पर ही पहलाज निहलानी ‘अयोध्या की कथा’ शूट करेंगे। इसके अलावा प्रकाश झा फरवरी में ‘फिर अयोध्या’ में शूट करने आ रहे हैं। कोरोना काल से पहले यूपी में एक साल में 150 हिंदी, क्षेत्रीय फिल्‍में और वेब शोज की शूटिंग हुई थी।

बढ़ाई जा सकती है फिल्मों की सब्सिडी

नवनीत सहगल ने यह भी जोर दिया कि अधिकारीगण मध्य प्रदेश की फिल्‍म पॉलिसी का भी अध्ययन कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर वहां की तरह यहां भी सब्सिडी की रकम पांच करोड़ तक की जा सकती है।

 

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