Maharashtra: पुणे में एक सदस्य वाली पंचायत, ग्रामीणों ने किया था चुनाव का बहिष्कार, इसलिए नहीं लड़ा चुनाव

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पुणे. महाराष्ट्र (Maharashtra Gram Panchayat Elections) में ग्राम पंचायत के चुनाव संपन्न हुए हैं। जहां हजारों की तादात में प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा और तमाम लोगों ने जीत भी हासिल की। आज हम आपको एक ऐसी ग्राम पंचायत के बारे में बताएंगे। जहां पर पूरी पंचायत में पांच की जगह सिर्फ एक सदस्य है। यूं कहें तो यह पंचायत ‘वन मैन पंचायत’ है। यह ग्राम पंचायत पुणे जिला की है जिसका नाम है शेवलवाड़ी।

कैसी बनी वन मैन पंचायत

शेवलवाड़ी ग्राम पंचायत के पुणे महानगरपालिका में विलय करने की खबरों के बाद यहां के ग्रामीणों में काफी खुश थे। ग्रामीण चाहते थे कि गांव का विलय महानगर पालिका में हो। इसके लिए ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत चुनाव का बहिष्कार भी किया था। नॉमिनेशन के आखिरी दिन अचानक एक उम्मीदवार उठ खड़ा हुआ और उसमें नामांकन भर दिया। उस उम्मीदवार को विरोध करने के लिए और चुनाव में हराने के लिए एक दूसरे उम्मीदवार ने भी पर्चा दाखिल कर दिया। इस प्रकार इस ग्राम पंचायत चुनाव के लिए 2 उम्मीदवार मैदान में उतर गए। हालांकि बाद में एक उम्मीदवार को जीत मिली। जिसके बाद यह ग्राम पंचायत वन मैन पंचायत बन गई है।

प्रशासक की नियुक्ति बनी मजबूरी

पंचायत ढांचे के अनुसार एक व्यक्ति स्थानीय निकाय को नहीं चला सकता। ऐसे में प्रशासन ने मजबूरी में अब रोजमर्रा के कामकाज को देखने के लिए प्रशासक की नियुक्ति करने का फैसला किया है। इस गांव की आबादी तकरीबन 30 हजार है। बीते दिसंबर में पीएमसी में प्रस्तावित विलय के बाद 23 में से कई गांवों ने पंचायत चुनाव का विरोध किया था। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इन गांवों में पंचायत चुनाव करवाने की मांग की थी।

कुणाल शेवाले बने इकलौते पंचायत सदस्य

गांववालों के विरोध के बाद भी जब वैभव शेवाले ने नामांकन भरा तो उनके विरोध में कुणाल शेवाले ने भी पर्चा भर दिया। हालांकि वैभव को आखरी समय तक मनाने की कोशिश की गई कि वह अपना नामांकन वापस ले लें। जब पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित हुए तब वैभव को हराकर कुणाल इकलौते ग्राम पंचायत सदस्य बने। कुणाल ने कहा कि पुणे महानगरपालिका में गांवों के विलय में हो रही देरी और वैभव शेवाले के चुनाव में अचानक खड़े हो जाने से मुझे इस लड़ाई में कूदना पड़ा। अब स्थानीय प्रशासन से हमें उम्मीद है कि वे जल्द ही इस मसले पर एक्शन लेते हुए गांव की समस्या का निवारण करेंगे क्योंकि बहुत सारे विकास काम अभी भी रुके हुए हैं।

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