IND VS ENG: 2 टेस्ट मैचों में 22 विकेट लेने वाले गेंदबाजों से सावधान रहे टीम इंडिया, अकेले जिता सकते हैं मैच

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Sports Desk. भारतीय टीम ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर पर 2-1 से टेस्ट सीरीज हराई है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया का हौसला सातवें आसमान पर होगा लेकिन अब उस जीत को भुलाकर आने वाले विरोधी पर ध्यान देने की जरूरत है. बात कर रहे हैं इंग्लैंड  (India vs England) की, जो 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत आ रही है. 5 फरवरी से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में कांटे के टक्कर की उम्मीद है क्योंकि एक ओर जहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड ने भी श्रीलंका को उसके घर पर 2-0 से मात दी है. इंग्लैंड के पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने दम पर मैच पलट सकते हैं. जो रूट, जोस बटलर, बेन स्टोक्स, जोफ्रा आर्चर उनमें प्रमुख नाम हैं. लेकिन इंग्लैंड के पास 2 और ऐसे स्पिन गेंदबाज हैं जिन्हें भारतीय बल्लेबाजों ने अबतक खेला नहीं है.

इंग्लैंड की टेस्ट टीम में ऑफ स्पिनर डोम बेस (Dom Bess) और बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच (Jack Leach) ऐसे स्पिनर हैं जो भारतीय पिचों पर कमाल कर सकते हैं. श्रीलंका पर बड़ी जीत में भी इन दोनों स्पिनर्स का हाथ रहा. डोम बेस ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट में 12 और जैक लीच ने 10 विकेट चटकाए. मतलब श्रीलंका के 40 में से 22 विकेट इन दोनों गेंदबाजों ने ही लिए. भारतीय पिच भी श्रीलंका जैसी ही हैं तो ऐसे में जैक लीच और डोम बेस इसका फायदा उठा सकते हैं.

जैक लीच और डोम बेस हैं बेहद खतरनाक

बता दें जैक लीच और डोम बेस भारतीय पिचों के हिसाब से बेहद खतरनाक स्पिनर्स हैं. ये दोनों ही गेंदबाज गेंद को हवा में ड्रिफ्ट कराते हैं और इनके पास टर्न के साथ उछाल भी है. डोम बेस की गेंदबाजी का अंदाज पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर ग्रीम स्वान की तरह है. स्वान जिस तरह हवा में बल्लेबाज को छकाते थे, कुछ वैसा ही अंदाज बेस का भी है. बेस ने अबतक 12 टेस्ट मैचों में 31 विकेट अपने नाम किये हैं. वहीं दूसरी ओर जैक लीच के पास अपार अनुभव है. जैक लीच फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 303 विकेट अपने नम कर चुके हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो लीच ने 12 टेस्ट में 44 विकेट झटके हैं.

इंग्लैंड के स्पिनर्स ने किया है भारतीय बल्लेबाजों को परेशान

भले ही भारतीय बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ मजबूत दिखाई देते हैं लेकिन इंग्लैंड के स्पिनर्स ने हमेशा से टीम इंडिया को परेशान किया है. ग्रीम स्वान और मोइन अली इसका बड़ा सबूत हैं. साल 2012-13 में इंग्लैंड ने भारत में टेस्ट सीरीज 2-1 से जीती थी. इस जीत में उसके स्पिनर्स का ही सबसे बड़ा योगदान था. उस वक्त इंग्लैंड ग्रीम स्वान और मॉन्टी पनेसर के साथ भारत आया था. स्वान ने 4 टेस्ट में 20 और पनेसर ने 3 टेस्ट में 17 विकेट अपने नाम किये थे. हालांकि इस सीरीज के बाद साल 2016 में एक बार फिर इंग्लैंड ने भारत का दौरा किया था जिसमें वो एक भी मैच नहीं जीत सका था. भारत ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 4-0 से जीती थी. लेकिन फिर भी टीम इंडिया के बल्लेबाजों को एहतियात बरतनी होगी. इंग्लैंड को मौका दिया तो वो नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.

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