ऋषभ पंत हर सीरीज के बाद ‘दान’ कर देते हैं अपना किट बैग, पीछे है बड़ी चौंकाने वाली वजह

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स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय विकेटकीपर-बल्‍लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर साबित कर दिया कि कुछ मैचों के खराब होने से खिलाड़ी का करियर खत्‍म नहीं होता. पंत के लिए पिछला साल कुछ खास नहीं रहा था. बतौर विकेटकीपर-बल्‍लेबाज उनकी जगह केएल राहुल सभी की पहली पसंद बनते नजर आ रहे थे. मगर इस बार ऑस्‍ट्रेलियाई दौरे पर उन्‍होंने जैसा प्रदर्शन किया, उसने साबित कर दिया कि टीम संतुलन के लिए वो कितने अहम हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई चार टेस्‍ट मैचों की सीरीज में उन्‍होंने तीन मैचों की 5 पारियों में कुल 274 रन बनाए.

इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्‍ठ पारी 97 रन की रही. उन्‍होंने 2 अर्धशतक जड़े. पंत ने 89 रन की शानदार पारी खेलकर गाबा टेस्‍ट में भारत को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया. पंत मैदान पर जितने आक्रामक नजर आते हैं. वह उतने ही इमोशनल हैं और इसी वजह से पंत हर सीरीज के बाद अपना किट बैग जूनियर क्रिकेटर्स को दे देते हैं, क्‍योंकि कभी उन्‍हें भी ऐसी मदद मिलती थी.

अब मदद करने की स्थिति में हैं

एक इंटरव्‍यू में पंत ने खुलासा करते हुए कहा कि बीसीसीआई का कॉन्‍ट्रेक्‍ट मिलने के बाद से वह ऐसा कर रहे हैं. उन्‍होंने बताया कि तारक सर उन्‍हें बल्‍लेबाजी, कीपिंग से जुड़े सामान देते थे. जूते और बैट देते थे. आशीष नेहरा भी क्‍लब में काफी सामान देते थे. इससे उन्‍हें काफी मदद मिलती थी. पंत ने कहा कि जब वह छोटे थे तो उन्‍हें भी काफी लोग सामान देते थे और अब वह उस स्थिति में हैं, जब दूसरों की मदद कर सकते हैं.

पंत ऑस्‍ट्रेलिया में छाए रहे, मगर इससे पहले भी उनसे भारतीय क्रिकेट को काफी अपेक्षाएं थीं लेकिन वह उसे पूरा करने में नाकाम रहे थे. इस पर उन्‍होंने कहा कि वह हर दिन दबाव महसूस कर रहे थे, यह उनके खेल का हिस्सा है. एक व्यक्ति के तौर पर आपको खुद पर भरोसा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आप आगे बढ़ रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि आप सुधार कर रहे हैं. इस मुश्किल समय में उन्‍होंने यही सीखा है. अपने खेल पर इतना ध्यान केंद्रित करें कि आपको कुछ और नजर न आए. सोशल मीडिया की वजह से कई बार ऐसा करना मुश्किल होता है लेकिन उन्‍होंने खुद को इससे अलग कर लिया.

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