Corona Recovery Rate: प्रदूषण के कारण कोरोना के मरीजों के स्वस्थ होने में लग रहा लंबा वक्त, मुंबई में हालत खराब

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मुंबई. विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण कारण कोरोना के मरीजों के स्वस्थ होने में लंबा वक्त लग रहा है. फ़ोर्टिस के श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ प्रशांत छाजे ने कहा कि प्रदूषण के कारण लंग्स, हार्ट (फेफड़ों और हृदय) पर असर पड़ता है. प्रदूषण, अस्थमा, सीओपीडी का कारण बनता है तो ऐसे में जो मध्यम और गंभीर रोगों के मरीज कोविड से देरी से उबर रहे हैं.

इन मरीज़ों को दवाइयों की भी ज़रूरत ज़्यादा पड़ती है. इनका इम्यूनिटी रिस्पांस भी सामान्य वातावरण में रहने वालों की तुलना में कम है. विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण कारण कोरोना के मरीजों के स्वस्थ होने में लंबा वक्त लग रहा है. फ़ोर्टिस के श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ प्रशांत छाजे ने कहा कि प्रदूषण के कारण लंग्स, हार्ट (फेफड़ों और हृदय) पर असर पड़ता है.

प्रदूषण, अस्थमा, सीओपीडी का कारण बनता है तो ऐसे में जो मध्यम और गंभीर रोगों के मरीज कोविड से रिकवर देरी से हो रहे हैं.  इन मरीज़ों को दवाइयों की भी ज़रूरत ज़्यादा पड़ती है. इनका इम्यूनिटी रिस्पांस भी सामान्य वातावरण में रहने वालों की तुलना में कम है. पुणे, नागपुर में बढ़ते कचरे के ख़िलाफ़ आवाज़ उठ रही है. अवैध तरीक़े से कचरा जलाने का भी असर हो रही है. यहां कई मीट्रिक टन कचरा पड़ा है.

पुणे और नागपुर में अवैध कचरा बना मुश्किलों का सबब

पुणे, नागपुर में बढ़ते कचरे के ख़िलाफ़ आवाज़ उठ रही है. अवैध तरीक़े से कचरा जलाने का भी असर हो रही है. यहां कई मीट्रिक टन कचरा पड़ा है.कचरा डिपो संघर्ष समिति रणजीत रासकर का कहना है कि पुणे सिटी में जितना कचरा पैदा हो रहा है वो यहां लाकर डम्प करना शुरू कर दिया है, ये पीछे जो आप शेड देख रहे हैं ये कम से कम एक लाख मीट्रिक टन कचरा यहां पड़ा है. इसके ख़िलाफ़ हमने एनजीटी कोर्ट में कंटेम्प्ट दाखिल किया है.पुणे नगर निगम जो साइंटिफिक लैंड्फ़िल साइट पर पूरा कचरा डाल रही है. पुणे सिटी में डेढ़ से दो लाख मीट्रिक टन कचरा रोड पर पड़ा हुआ है.’

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