इटावा- 14 साल पहले फर्जी मतदान को लेकर हुए हत्याकांड में 6 लोगों को सजा…

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इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा में 14 साल पूर्व शहर में नगरपालिका चुनाव के मतदान के दौरान सभासद पद के उम्मीदवार के लिए फर्जी मतदान का आरोप लगाकर हुए संघर्ष में दो गुटों के दो लोगों की हत्या और 20 के आसपास लोगों के घायल होने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने 6 लोगों को सजा सुनाई है. अभियोजन पक्ष के अनुसार यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश काशीनाथ यादव ने पक्ष और विपक्ष की बहस सुनने के सजा सुनाई है.

शासकीय अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि इटावा शहर में कटरा फतेह महमूद खा में 29 अक्टूबर 2006 को मतदान के दौरान सभासद प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान कराने को लेकर दो पक्षों में हुए संघर्ष में फायरिग, देसी बमों के धमाके के साथ पथराव किया गया था. इनमें से एक पक्ष के प्रमुख आरोपित शोभाराम उर्फ जुगनू के साले रामदास के 20 साल के बेटे नितिन जबकि दूसरे पक्ष के प्रमुख आरोपित बालकृष्ण के 18 साल के बेटे राजवीर उर्फ बलराम की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दोनों पक्षों के 20 लोग जख्मी हुए थे.

इस घटना से शहर में अफरा तफरी फैल गई थी. इस सनसनीखेज मामले में एक पक्ष की ओर से शोभाराम जुगनू, राधेलाल, सुरेश, राजू, नीरज, पंकज, बबलू तथा लीलाधर को जबकि दूसरे पक्ष से बालकृष्ण राजपूत, रामदीन, धर्मेंद्र आदि के खिलाफ बलवा, हत्या, जानलेवा हमला आदि संगीन धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कराए गए थे. अभियोग के विचारण होने तक शोभाराम जुगनू तथा राधेलाल की मृत्यु हो गई.

अपर सत्र न्यायाधीश काशीप्रसाद सिंह यादव ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के पश्चात एक पक्ष के सुरेश को एक साल की कैद तथा एक हजार रुपये अर्थदंड, राजू को सात साल का सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड, गजेंद्र उर्फ राजेंद्र को दो साल सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये अर्थदंड जबकि दूसरे पक्ष के बालकृष्ण को 10 साल की कैद तथा 15 हजार रुपये अर्थदंड, रामदीन राजपूत को दो साल सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये का अर्थदंड तथा शिवराम उर्फ राजू को पांच साल सश्रम कारावास तथा छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.

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