जो बोल रहे हैं कृषि कानूनों पर चर्चा नहीं हुई, वे राज्यसभा में कामकाज का रिकॉर्ड देख लें- नायडू

0
237
.

नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajya Sabha) में मंगलवार को सभापति एम वेंकैया नायडू (M Venkaiah Naidu) ने कहा कि पिछले सत्र में कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन विधेयकों (Farm laws) को उच्च सदन में बिना चर्चा के पारित कराये जाने संबंधी दावे गलत हैं. साथ ही उन्होंने सदस्यों से ऐसी किसी भी स्थिति को टालने की अपील की जिससे सदन एवं राष्ट्र के हित प्रभावित होते हों.संसद के पिछले सत्र में तीन कृषि विधेयकों के पारित होने के समय उच्च सदन में भारी हंगामे की ओर परोक्ष संकेत करते हुए नायडू ने सदस्यों से वर्तमान बजट सत्र को ‘‘अधिक अर्थवान” बनाने को कहा जिसमें मुद्दों पर ‘‘शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और मर्यादित तरीके से” व्यापक चर्चा हो सके.

उप राष्‍ट्रपति (M Venkaiah Naidu) ने अधिक विवरण नहीं देते हुए कहा, ‘‘पिछली बार कुछ दुर्भाग्यपूर्ण” घटनाएं हुई थीं.सितंबर में हुए पिछले सत्र में कृषि क्षेत्र के सुधार के लिए लाये गये तीन विधेयकों को पारित किए जाने के समय विपक्ष के कुछ सदस्यों ने नियम पुस्तिका फाड़ दी थी और वे आसन के बेहद समीप आ गये थे और जमकर हंगामा किया था. उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि सदन में कृषि कानूनों पर कोई चर्चा नहीं हुई . उन्होंने कहा कि इस संबंध में सदन के कामकाज का रिकार्ड देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार सदन में कृषि विधेयकों पर चार घंटे चर्चा हुई.

नायडू ने कहा कि उन विधेयकों पर मतविभाजन को लेकर अलग अलग नजरिए हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह पहले ही दोहरा चुके हैं कि सदन में कृषि कानूनों पर विस्तृत चर्चा हुयी थी.उन्होंने कहा, ‘‘गलत धारणा बनायी जा रही है कि कोई चर्चा नहीं हुई. मतविभाजन को लेकर लोगों की अपनी दलीलें हो सकती हैं. लेकिन जहां तक चर्चा का मुद्दा है, सभी दलों ने अपनी ओर से भाग लिया और सुझाव दिए. यह रिकॉर्ड में है.

नायडू (M Venkaiah Naidu) ने सदस्यों से अपील की, ‘‘यह सुनिश्चित करना हम सभी के लिए बाध्यकारी है कि सदन समुचित ढंग से चले, सदस्य नियमों का पालन करें, अनुशासन एवं गरिमा को बरकरार रखा जाए तथा सार्थक ढंग से चर्चा में हिस्सा लिया जाए.”उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदैव ही सदस्यों से यह कहता रहा हूं कि ऐसी किसी भी स्थिति को टाला जाए जिससे सदन और राष्ट्र के हित प्रभावित होते हों.”शुक्रवार से शुरू हुए बजट सत्र में मंगलवार को पहली बार उच्च सदन में पूरे दिन के लिए कामकाज निर्धारित था.

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here