Ajit Singh Murder Case: पूर्व सांसद धनंजय सिंह के अंडरग्राउंड होने का शक…

0
51
.

लखनऊ. पंजाब जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी व पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड (Ajit Singh Murder Case) में पूवांर्चल के बाहुबली व पूर्व सांसद धनंजय सिंह गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही अंडरग्राउंड हो गए हैं। लखनऊ पुलिस जौनपुर और वाराणसी के अलावा पूवांर्चल के अन्य संभावित जिलों में बाहुबली की तलाश में छापेमारी कर रही है। हालांकि 48 घण्टे के बाद भी अभी तक धनंजय सिंह का कोई सुराग नहीं लग सका है। सूत्रों का कहना है कि धनंजय सिंह लखनऊ की गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी अन्य पुराने मामले में कोर्ट में समर्पण कर सकते हैं। वहीं, धनंजय सिंह के वकील गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।

कोर्ट में कर सकते हैं सरेंडर

लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) ने जौनपुर पुलिस (Jaunpur Police) से संपर्क किया और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। क्राइम ब्रांच व विभूतिखंड की पुलिस टीम धनंजय को गिरफ्तार करने के लिए लगाई गई हैं। पुलिस टीम धनंजय के करीबियों की सूची भी तैयार कर रही है। इसके साथ ही उन ठिकानों के बारे में पता लगाया जा रहा है‚जहां धनंजय के छिपे होने की संभावना है। उधर‚दिल्ली के न्यायालय में दी गई एक अर्जी पर कोर्ट ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की है‚जिसमें गिरधारी उर्फ डॉक्टर की सुरक्षा से संबंधित आख्या के बारे में जानकारी मांगी गई है।

गौरतलब है कि, 6 जनवरी को अजीत सिंह की कठौता चौराहे पर गैंगवार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अजीत आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह हत्याकांड में गवाह थे। मामले में आजमगढ़ जेल में बंद कन्टू सिंह‚ बरेली जेल में बंद अखंड और एक लाख के इनामी गिरधारी को नामजद किया गया था। 15 फरवरी को गिरधारी विभूति खंड पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारा गया था। गिरधारी को पुलिस कस्टडी रिमाइंड पर विभूति खंड पुलिस असलहा बरामद करने के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान उसने दारोगा की पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में गिरधारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस की छानबीन में धनंजय सिंह का नाम सामने आया था‚जिसके बाद उन्हें हत्या की साजिश रचने का आरोपित बनाया गया है।

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here