महाराष्ट्र: शिवसेना ने BJP पर कसा तंज, सामना में लिखा- AIIMS अघाड़ी सरकार का घातक दल नहीं है

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Mumbai. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना (Samna Editorial) के जरिये बीजेपी पर निशाना साधा है। सामना (Samna Editorial) ने अपने सम्पादकीय में लिखा है कि एम्स’ मतलब महाविकास अघाड़ी का घटक दल नहीं है। यह महाराष्ट्र के विपक्ष को समझ लेना चाहिए। पुन: Lockdown टालना होगा तो लोगों को जिम्मेदारी से बर्ताव करना होगा। विपक्ष को भी जिम्मेदारी का भान रखना चाहिए। विपक्ष वालों कम-से-कम कोरोना संकट में तो संभलकर बर्ताव करो, बोलो। राजनीति करने के लिए पूरी जिंदगी पड़ी है।

राज्य में कोरोना की दूसरी लहर धावा बोल रही है इसलिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगा दी है। राज्य में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। राज्य में बीते चौबीस घंटों में 7 हजार नए मरीज मिले हैं। मुंबई शहर में ही ये आंकड़ा हजार के आसपास है। नागपुर, अमरावती, अकोला, बुलढाणा, वाशिम, वर्धा जिले में कोरोना तेजी से फ़ैल रहा है। अंतत: मुख्यमंत्री को सामने आकर सभी को कड़वी दवा का डोज पिलाना पड़ा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि लोग अनुशासन और नियमों का पालन करें। राज्य में ‘Lockdown’ लगाना है या नहीं, इसका निर्णय अगले 8 दिनों में लेंगे।

कोरोना में भी विपक्ष की राजनीती

सामना (Samna Editorial) ने लिखा है कि पाबंदियां शिथिल किए जाने के बाद से कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, ऐसी अवस्था में राजनीति करने की बजाय सरकार तथा विरोधियों को जनता के हित का जतन करना चाहिए। परंतु मुख्यमंत्री द्वारा ‘Lockdown’ से संबंधित चेतावनी दिए जाते ही विपक्ष के नेता दरेकर ने अलग ही बयान दिया, ‘राज्य में लोगों के बीच दहशत का माहौल तैयार मत करो। जुल्म करनेवाले शासक जैसे कार्य मत करो। कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति बयां करना, इसे दहशत फैलाना कहा जाए क्या?

AIIMS अघाड़ी सरकार का घातक दल नहीं है

सामना (Samna Editorial) ने लिखा है कि महाराष्ट्र में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन के अधिक घातक होने की जानकारी ‘एम्स’ के संचालक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दी है। इस नए स्ट्रेन के कारण ‘हर्ड इम्युनिटी’ हासिल करना और मुश्किल होने की आशंका डॉ. गुलेरिया ने जताई है। इससे पहले कोरोना के एंटीबॉडीज तैयार हुए व्यक्तियों में भी पुन: कोरोना का संक्रमण होने का खतरा है, ऐसा डॉ. गुलेरिया कहते हैं। कोरोना की वैक्सीन नए स्ट्रेन के खिलाफ अप्रभावी है। यह जो डॉ. गुलेरिया जोर देकर कहते हैं, यह दहशत फैलाने का प्रयास है क्या? ‘एम्स’ मतलब महाविकास आघाड़ी का घटक दल नहीं है। यह महाराष्ट्र के विपक्ष को समझ लेना चाहिए।

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