चीन की राजधानी बीजिंग समेत पूरा उत्तरी इलाका रेत से ढंका, 6 लोगों की मौत, 81 लापता

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वर्ल्ड डेस्क. चीन की राजधानी बीजिंग की हालत बेहद भयावह है। सोमवार को बीजिंग से लोगों की डरा देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। पूरा बीजिंग शहर रेत की चपेट में आने से यहां लोगों की आंखें धूल से धंसी हुई थी। चीन की मौसम विज्ञान एजेंसी ने इसे एक दशक में सबसे बड़ा सैंडस्टॉर्म कहा है। जिससे यहां स्थिति भयावह नजर आ रही है। इसे पिछले 10 साल का सबसे खतरनाक रेतीला तूफान माना जा रहा है। देश के 12 प्रांतों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है। चीन के नेशनल मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने बताया है कि रेतीले तूफान का असर देश के बड़े इलाके में हुआ है। इसने चीन के उत्तरी पश्चिम के झिंजियांग और गांसू से लेकर उत्तर में मंगोलिया और हेबई तक के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है।

मंगोलिया के नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने सोमवार को कहा कि इस तूफान की वजह से 6 लोगों की मौत हुई है। जबकि 81 लोग लापता हैं। तूफान के खतरे को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। यह मौसम कलर कोड वॉर्निंग सिस्टम में सबसे अंतिम चेतावनी है। इसमें स्पष्ट तौर पर लोगों को मास्क-स्कार्फ पहनने, दरवाजे और खिड़कियों को अच्छी तरह बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ये भी कहा गया है कि इसका असर सोमवार तक रहने की उम्मीद है।

China's city of Beijing worst sandstorm of the decade

इन इलाकों में तूफान का ज्यादा असर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तूफान का असर झिंजियांग, मंगोलिया, हेइलोंगजियांग, जिलिन, लियाओनिंग, गांसू निंगक्सिया, शानक्सी, शांकसी, हैबे, बीजिंग और तियानजिन के इलाकों में सबसे ज्यादा हुआ है। यहां बहुत तेज रफ्तार में धूलभरी हवाएं चल रही हैं।

बीजिंग में एयर क्वालिटी 500 के लेवल को पार कर गई है। इससे पॉल्यूशन का खतरा बढ़ गया है। प्रदूषण का खतरा यानी PM2.5 सुबह 9 बजे तक 732 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया। WHO के मुताबिक चौबीस घंटे में PM2.5 25 माइकक्रोग्राम क्यूबिक मीटर तक पहुंचना चाहिए। वहीं, PM10 का लेवल बीजिंग में 9,350 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है। यह WHO के मानक से 180 गुना है। बीजिंग के मौसम विभाग के अनुसार शहर में विजिबिलिटी 1 किमी तक रह गई है। एक्सपर्ट्स ने लोगों को घर से बाहर निकलने को मना किया है।

बीजिंग में ट्रैफिक पुलिस ने जारी की चेतावनी

बीजिंग ट्रैफिक पुलिस ने भी चेतावनी जारी की है। उन्होंने लोगों से घर में सुरक्षित रहने को कहा है। साथ ही पेड़, होर्डिंग और कंस्ट्रक्शन साइट्स के आसपास खड़े होने को मना किया है। म्युनिसिपल कमीशन ने सभी स्कूल को निर्देश जारी किए हैं। स्कूल में बाहरी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही बचाव के तरीके भी अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाली सभी हवाई उड़ानों के आने-जाने पर रोक लगा दी है।

रेतीले तूफान के आने की वजह

नेशनल मेट्रोलॉजिकल सेंटर के अधिकारी झांग बीआई ने रेतीले तूफान के पीछे की वजह बताई है। उन्होंने उच्च तापमान और मंगोलिया के उत्तर-पश्चिम में हुई बारिश को इसकी वजह बताया है। साथ ही ये भी कहा कि मंगोलिया में आया चक्रवात झिंजियांग से उत्तरी चीन तक एक तेज हवा की वजह बना। मंगोलिया में इस तूफान का सबसे ज्यादा असर है। बीजिंग में आए तूफान का असर भी मंगोलिया में हुआ है।

इससे पहले भी वसंत के मौसम के समय चीन में लगातार रेत के तूफान आते रहते हैं, लेकिन कुछ सालों में इसकी रफ्तार बढ़ गई है। इसकी वजह जंगलों की कटाई और रेत को कंट्रोल करने के लिए अपनाए गए अप्राकृतिक तरीके हैं। झांग ने बताया कि आगे भी इस तरह के रेतीले तूफान आने की आशंका है। इसके अलावा पर्यावरण मंत्रालय ने मंगलवार तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई है।

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