Maharahstra: शिवसेना के सचिन वझे प्रेम से नाराज है पवार, संजय राउत मनाने पहुंचे दिल्ली

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Maharahstra harad Pawar is angry with Shiv Sena's Sachin's vajhe case, Sanjay Raut arrives in Delhi
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Mumbai. सचिन वझे (Sachin Waze) प्रकरण में महाराष्ट्र सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। मौजूदा हालात काफी हद तक वैसे ही हैं जैसे सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले के दौरान थे। उस समय भी महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) की बदनामी हुई थी और अभी वैसे ही आरोप विपक्ष की तरफ से लगाये जा रहे हैं। ना सिर्फ महाराष्ट्र सरकार बल्कि मुंबई पुलिस की कार्यशैली और क्षमताओं पर भी सवालिया निशान उठाए जा रहे हैं। इन बातों से महाविकास अघाड़ी सरकार के संयोजक शरद पवार नाराज बताए जा रहे हैं।

आपको बता दें कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की तकरीबन 1 घंटे तक मुलाकात मुख्यमंत्री के आवास वर्षा पर हुई थी। यह बैठक सोमवार को हुई थी। सूत्रों की माने तो शरद पवार अभी भी इस पूरे प्रकरण से नाराज हैं और इसी नाराजगी को दूर करने के लिए शिवसेना (Shivsena) के नेता सांसद संजय राउत शरद पवार (Sanjay Raut and Sharad Pawar Meeting at Delhi) से मुलाकात करेंगे। शिवसेना और एनसीपी के नेताओं की यह मुलाकात दिल्ली में होगी। इस मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और शिवसेना के नेता और कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे भी दिल्ली पहुंच गए हैं।

डैमेज कंट्रोल में जुटी शिवसेना

कहा जाता है कि महाविकास अघाड़ी सरकार (Mahavikas Aghadi Government) का रिमोट कंट्रोल एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के हाथ में है। ऐसे में उनकी नाराजगी को दूर करने का पूरा प्रयास शिवसेना कर शिवसेना कर रही है। दरअसल जिस तरह से शिवसेना सचिन वझे के बचाव में उतरी है और वझे की वकालत कर रही है। उससे बीजेपी को बैठे-बिठाए एक नया मुद्दा मिल चुका है और इसी बात से पवार नाराज हैं।

क्या राउत पवार को मना पाएंगे?

एनआईए द्वारा सचिन वझे की गिरफ्तारी और फिर एक के बाद एक वझे और मुंबई पुलिस के खिलाफ सबूतों के बाद शिवसेना के स्टैंड पर पवार नाखुश हैं। शिवसेना का लगातार वझे के समर्थन में बोलना एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं को नागवार गुजर रहा है। इस पूरे मामले में वझे के अलावा कुछ अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में शरद पवार इस पूरे मुद्दे पर क्या रणनीति बनाएंगे और किस तरह से महाराष्ट्र सरकार की खराब होती छवि को सुधरेंगे। इस पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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