अफगान संकट- 31 अगस्त तक काबुल से वापस जाएगी अमेरिकी सेना, कनाडा ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन…

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वर्ल्ड डेस्क. अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबान के कब्जे के बाद सभी देश अपने यहां के लोगों को सुरक्षित वापस निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) जारी रखा है। जिससे अपने देश के लोगों को अफगानिस्तान (Afghanistan) से सुरक्षित वापस अपने वतन लाया जाए। इसी कड़ी में कनाडा ने अफगानिस्तान (Afghanistan) में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) को गुरुवार शाम तक खत्म करने का फैसला किया है। इस समय अफगानिस्तान (Afghanistan) में 13 देश रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) चला रहे हैं, कनाडा भी उनमें से एक है, जो 2 सी-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट के जरिए मिशन को अंजाम दे रहा है।

कनाडा के रक्षामंत्री हरजीत सज्जन ने बताया कि अमेरिका 31 अगस्त तक अपने 6000 सैनिकों को अमेरिका वापस बुला सकता है। इसलिए कनाडा की सरकार ने जल्द से जल्द रेस्क्यू मिशन खत्म करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) अच्छी तरह से पूरा किया जा सके।

तालिबानियों को भाई कहने पर विवाद

कनाडा की कैबिनेट मंत्री मरियम मोनसेफ के तालिबानियों को भाई कहने पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने तालिबान से अफगानिस्तान (Afghanistan) के लोगों को नुकसान न पहुंचाने की अपील की है। इससे पहले कनाडा ने अफगानिस्तान (Afghanistan) से 20 हजार रिफ्यूजी निकालने का प्लान बनाया था, लेकिन गुरुवार को रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) खत्म होने के बाद शरणार्थियों की संख्या 3 हजार के आसपास रहने की उम्मीद है।

तालिबान को भाई कहने पर मंत्री की सफाई

मंत्री मरियम मोनसेफ ने तालिबानियों को भाई कहने पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मुसलमान एक दूसरे को भाई-बहन कहकर ही संबोधित करते हैं, इसलिए उन्होंने तालिबान के लिए भाई शब्द का उपयोग किया। उन्होंने तालिबान लड़ाकों से हिंसा, महिलाओं की हत्या, नरसंहार, बलात्कार और लूटपाट जैसे काम तुरंत रोकने की अपील की। हालांकि, विपक्ष ने मोनसेफ के बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया। विपक्षी नेता एरिन ओ टोल ने कहा कि जस्टिन ट्रूडो की सरकार जिस भाषा का उपयोग करती है, वह बर्दाश्त के बाहर है।

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