किंग की मौत के बाद 6 पत्नियों और 28 बच्चों ने मांगा अपना उत्तराधिकार, छिड़ी कानूनी लड़ाई

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फर्स्ट आई न्यूज डेस्क:

जोहान्सबर्ग: किंग की मौत के बाद छ क्वीन में साम्राज्य के लिए कानूनी लड़ाई छिड़ी हुई है। करीब साल भर होने को है, मगर अभी तक फैसला नहीं हो पाया है।

दक्षिण अफ्रीका की प्राचीन जनजाति जुलू किंग की मौत के बाद उसकी छह रानियों में उत्तराधिकार के लिए कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। किंग की एक विधवा रानी ने दावा किया है कि उनकी शादी कानूनी तौर पर मान्य थी, जिसे नागरिक विवाह कहा जाता है। उनका दावा है कि किंग की बाकी 5 रानियों की शादी पारंपरिक रीित रिवाज से हुई थी। पहली रानी सिबोंगिल दलामिनी ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी क्वाजुलु-नताल प्रांत की राजधानी पीटरमॉरिट्सबर्ग में शाही विरासत का आधा हिस्सा मांगा है। खाली पड़े सिंहासन पर अभी राज्याभिषेक नहीं हो पाया है।

रानी की दो बेटियां भी वसीयत में मांग रही हैं हिस्सा
रानी सिबोंगिल की दो बेटियां राजकुमारी नतोम्बिजोसुथु और नतंडोयनकोसी ने अपने-अपने हिस्से के लिए वसीयत में दावा ठोंका है। वे भी सिंहासन हासिल करने की दौड़ में शामिल हैं।

किंग की बीते साल हुई थी मौत, 28 बच्चे छोड़ गए थे
किंग गुडविल ज्वेलिथिनी की पिछले साल मार्च में 72 साल की उम्र में सिंहासन पर 50 साल बाद उनकी छह पत्नियों और कम से कम 28 बच्चों को छोड़कर मृत्यु हो गई थी।
तीसरी रानी को 1.1 करोड़ जुलू लोगों को बनाया संरक्षक
किंग ने अपनी वसीयत में अपनी मनपसंद तीसरी रानी शियावे मंटफोम्बी दलामिनी को 1.1 करोड़ से अधिक जूलू जनजातियों का संरक्षक बनाया था। जुलू दक्षिण अफ्रीका की आबादी का करीबी पांचवां हिस्सा हैं।

जानवरों की खाल पहने और ढाल और भाले पहने दर्जनों जुलू योद्धाओं ने मंगलवार को प्रांगण के बाहर पारंपरिक गीत गाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

किंग की मौत के एक महीने बाद ही तीसरी पत्नी की मौत
राजा की मौत के एक महीने बाद ही उनकी तीसरी पत्नी शियावे की अप्रैल में अचानक मौत हो गई। उन्होंने अपनी वसीयत में अपने 47 वर्षीय बेटे मिसुजुलु ज़ुलु को सिंहासन के लिए नामित कर दिया था। मिसुजुलु मंगलवार की सुनवाई में शामिल नहीं हुए।

कोर्ट में पहली पत्नी ने अपना पक्ष मजबूत बताया
राजा की पहली पत्नी रानी सिबोंगिल दलामिनी के वकील ने सुनवाई के दाैरान अदालत से पूछा, क्या एक नागरिक विवाह रीति-रिवाज वाली शादी को सत्ता तक पहुंचने की राह रोकता है? जज इसहाक मैडोंडो ने भी माना है कि यह मामला आम नागरिक कानून और कस्टम कानून के बीच कानूनी संघर्ष को दिखाता है।

जुलू किंग के पास थी हजारों हेक्टेयर जमीन और कई महल
जुलू किंग के वैसे तो कोई कार्यकारी शक्ति नहीं थी, लेकिन उनका अपनी प्रजा पर बहुत नैतिक प्रभाव था। किंग के पास हजारों हेक्टेयर जमीन के साथ-साथ कई महल और अन्य संपत्तियां थीं।

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