आर्यन खान का बेल ऑर्डर हुआ रिलीज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- आरोप साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिले

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Aryan Khan Drug Case: पिछले कई हफ्तों से ड्रग केस में फंसने के बाद सुर्खियों में बने आर्यन खान को अब बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। शनिवार को उनका बेल ऑर्डर रिलीज कर दिया गया है, जिसके साथ कोर्ट ने 14 पन्नों का आदेश देते हुए साफ कर दिया है कि आर्यन और उनके साथियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं।

बेल ऑर्डर के साथ बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है, ‘कोर्ट के सामने ये साबित करने के लिए कोई ऑन-रिकॉर्ड पॉजिटिव सबूत नहीं मिले हैं कि सभी आरोपी व्यक्ति सामान्य इरादे से गैरकानूनी कार्य करने के लिए सहमत हुए।’

आगे कहा गया है, ‘इस अदालत को इस बात के प्रति सेंसेटिव होने की जरुरत है कि सबूत के रूप में बुनियादी सामग्री होनी चाहिए जिससे आवेदकों के खिलाफ साजिश के मामले को साबित किया जा सके।’

आगे कोर्ट द्वारा कहा गया है, ‘सिर्फ इसलिए कि आर्यन और उनके दोस्त अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धमेचा एक ही क्रूज में थे, ये अपने आप में उनके खिलाफ साजिश के आरोप का आधार नहीं हो सकता है।’

‘कन्फेशन वाले बयान पर भरोसा नहीं कर सकते’- HC

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 14 पन्नों के रिलीज ऑर्डर के साथ आदेश में ये भी कहा है कि नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, जांच अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए सभी आरोपी व्यक्तियों के कन्फेशन वाले बयान पर भरोसा नहीं कर सकता है क्योंकि ये बाध्यकारी नहीं है।

2 अक्टूबर को लिया था हिरासत में

बता दें कि 2 अक्टूबर की रात एनसीबी ने मुंबई से गोवा जा रहे कॉर्डिएल क्रूज शिप में चल रही रेव पार्टी पर छापेमारी के बाद ड्रग्स लेने और खरीद-फरोख्त करने के आरोप में आर्यन खान के साथ मुनमुन धमेचा, अरबाज मर्चेंट सहित कई लोगों हिरासत में लिया था। आर्यन और उनके साथियों को 28 अक्टूबर को जमानत मिली थी। जमानत मिलने के बाद से ही आर्यन खान को हर हफ्ते एनसीबी ऑफिस में उपस्थिति दर्ज करवाने के ऑर्डर थे।

क्या थीं हाईकोर्ट की शर्तें

आर्यन खान को 28 अक्टूबर को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली थी, हालांकि पेपर वर्क में हुई देरी के कारण वो 29 अक्टूबर को जेल से घर पहुंचे थे। उन्हें हाईकोर्ट द्वारा 5 पन्नों का आदेश मिला था जिसमें शर्त थी कि उन्हें हर शुक्रवार दोपहर 11 से 2 बजे के बीच एनसीबी ऑफिस आना होगा। इसके अलावा आर्यन बिना पुलिस को सूचित किए शहर से बाहर नहीं जा सकते हैं। आर्यन, जमानत के बाद अन्य आरोपियों से संपर्क नहीं कर सकते हैं, साथ ही उन्हें इस केस में पब्लिकली या सोशल मीडिया पर बयान देने की मनाही है। 14 शर्तों में एक शर्त ये भी है कि आर्यन भविष्य में किसी ड्रग से जुड़ी गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनेंगे।

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