किसान आंदोलन: फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में परेशानियों से निजात की कोई आशंका नहीं

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नई दिल्ली/गाजियाबाद/सोनीपत। महापंचायत के दौरान किसानों के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि सिंघु, शाहजहांपुर और गाजीपुर बार्डर पर इसी तरह रास्ता रोक कर किसान धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। राकेश टिकैत के इस एलान से यह तय हो गया है कि आने वाले समय में भी एनसीआर में रहने वाले यूपी, हरियाणा और दिल्ली के लोगों की आवागमन की मुसीबत बरकरार रहेगी। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-एनसीआर के चारों बार्डर पर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है।

9 महीने से दिल्ली-एनसीआर के कई रास्ते हैं बंद

बता दें, गौरतलब है कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 27 नवंबर से किसानों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसके चलते दिल्ली, यूपी और हरियाणा के लोग काफी परेशान हैं। टीकरी और सिंघु बार्डर पर किसानों ने कई रास्ते रोक दिए हैं, जिससे लोगों का आवागमन बाधित है। सैकड़ों लोगों के रोजगार छिन चुके हैं।

27 सितंबर को भारत बंद होगा

वहीं, मुजफ्फरनगर के जीआइसी मैदान में आयोजित किसानों की महापंचायत में तय हुआ है कि किसानों का भारत बंद 27 सितंबर को होगा। महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने कहा है कि 9 महीने से किसान दिल्ली बार्डर पर जुटे हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। किसान महापंचायत के दौरान किसानों के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हमने शपथ ली है कि मरते दम तक हम धरनास्थल से हटेंगे नहीं। भले ही वहां पर हमारी कब्र ही क्यों न बना दी जाए। गौरतलब है कि किसान दिल्ली बॉर्डर पर करीब 9 महीने से धरना दे हैं। कुल मिलाकर किसानों का धरना प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।

इससे पहले मुजफ्फरनगर महापंचायत में जाने के लिए रविवार सुबह करीब 150 किसान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बगैर टिकट के देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस के कई कोच में चढ़ गए। उन्हें ट्रेन से उतारने की कोशिश करने पर वे हंगामा करने लगे। करीब डेढ़ घंटे तक उन्होंने हंगामा किया। इस वजह से इस ट्रेन के परिचालन में भी विलंब हुआ और एक घंटा 20 मिनट की देरी से स्टेशन से रवाना हो पाई। इस वजह से दूसरे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि ये किसान पंजाब से किसी ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस सुबह 6.45 बजे नई दिल्ली से रवाना होती है और सुबह करीब 8:.45 बजे मुजफ्फरनगर पहुंचती है। इसलिए सभी किसान इस ट्रेन में सवार हो गए। ट्रेन के कर्मचारियों ने उन्हें उतरने की कोशिश की तो वे हंगामा करने लगे।

मामले की सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर समेत रेलवे के कई अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिर भी किसान ट्रेन से उतने को तैयार नहीं थे। लिहाजा बाद में जीआरपी व आरपीएफ को बुलाना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद किसानों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया और उन्हें एक अलग कोच में बैठाया गया। इसके बाद 8.05 बजे यह ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना हुई।

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