बरेली: टिकट कटने से दो विधायक नाराज तो दाे सीटों को लेकर विवाद

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फर्स्ट आई न्यूज डेस्क:

बरेली: जिले की 9 विधानसभा सीटों के लिए भाजपा ने पहली लिस्ट में भले ही 7 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं और दो विधानसभा में प्रत्याशी घोषित करना बांकी हो लेकिन बरेली में भाजपा प्रत्याशी घोषित करने के बाद से घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले साल जिले के 9 सीटों पर भाजपा ने बरेली के इतिहास में एकतरफा परचम लहराया था। इस बार भाजपा की गुणा गणित गड़बड़ाती दिख रही है। कारण भाजपा ने 2 सिटिंग विधायकोें के टिकट तो काटे ही। इसी के साथ नवाबगंज के दिवंगत विधायक केसर सिंह के बेटे विशाल गंगवार का टिकट न देना भी भाजपा के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। वहीं बहेड़ी और भोजीपुरा के टिकट भी अभी भाजपा ने लटका कर रखा है। कारण दोनों सीटों पर चुनाव को लेकर विधायकों का मतभेद सामने आ रहा है। जिससे यह साफ है कि पिछले बार जिस तरह भाजपा को लेकर जो हालात थे। वह इस बार भाजपा के लिए उलट साबित हो सकते हैं। जिससे भाजपा को बरेली में कई सीटों पर नुकसान होने की संभावना है। हालांकि इसके लिए सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार पर संतोष जताया है लेकिन इस समय बरेली के भाजपा नेताओं मे असंतोष फैल गया है। जिसके चलते संतोष गंगवार को दिल्ली बुलाया गया है।

दिल्ली बुलाए गए संतोष

पिछले विधानसभा में बरेली में जिस तरह से भाजपा सरकार ने मंदिर मुद्दे को भुनाया था। जिसके चलते बरेली की सभी 9 सीट पर भाजपा प्रत्याशियों ने परचम लहराया था। इस बार जिस तरह से सीटिंग विधाय राजेश अग्रवाल की जगह उनके बेटे और विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल के टिकट कटे और दिवंगत विधायक केसर सिंह गंगवार के बेटे विशाल का टिकट नहीं दिया। उससे साफ है कि इस बार कहीं न कहीं भाजपा को कई विधानसभा में नुकसान होना तय है। वहीं बहेड़ी से सीटिंग विधायक छत्रपाल गंगवार जाे यूपी सरकार में मंत्री हैं और भोजीपुरा के विधायक बहोरन लाल मौर्य के बीच सीटों को लेकर विरोध है वह भी कहीं न कहीं भाजपा काे हानि पहुंचाएगा। भाजपा को लगता है कि छत्रपाल को भोजीपुरा और बहोरन लाल काे बहेड़ी से चुनाव लड़ना चाहिए लेकिन दोनों अपनी सीट से हटने को तैयार नहीं। जिसके चलते अबतक इन दोनों सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए जा सके। जिसके लिए अब प्रदेश से लेकर केंद्र तक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद संतोष गंगवार को बुलाकर उनसे इसका हल निकालने के लिए कहा है।

तीन सीटों पर नुकसान की संभावना

बिथरीचैनपुर

सीटिंग विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, बरेली के कट्‌टर हिंन्दूवादी विधायक में गिनती होती है, उनका टिकट कटने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ ही ही नहीं हिंदू समर्थकों में आक्रोश। बीजेपी को नुकसान होने की संभावना।

बरेली कैंट

सीटिंग विधायक राजेश अग्रवाल 6 साल से लगातार विधायक रहे, उनके राष्ट्रीय कोषाघ्यक्ष बनने के बाद उनके बेटे मनीष अग्रवाल का टिकट कटा। बगावत के सुर फूटे यहां भी बीजेपी काे नुकसान हाेने की संभावना।

नवाबगंज

कोविड काल के दौरान नवाबगंज के सीटिंग विधायक केसर सिंह की कोविडे से मौत, उनके बेटे विशाल सिंह ने दावेदारी का टिकट मांगा लेकिन कट गया। नुकसान होने की पूरी संभावना।

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