पुलिस पिटाई में मारे गये मनीष गुप्ता की पत्नी को मिलेगी कानपुर प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी और गोरखपुर से कानपुर केश होगा ट्रांस्फर

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कानपुर| सीएम ने कहा कि गोरखपुर में हुई घटना बेहद शर्मनाक है. कल ही पीड़ित परिवार से मिलने की इच्छा मैंने जताई थी. अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी पॉलिसी जीरो टॉलरेंस की है. कोई अपराधी बख्शा नहीं जाएगा. सीएम ने कहा पीड़ित परिवार जैसी जांच चाहेगा वैसी जांच सरकार करवाने को तैयार है.

यदि परिवार सीबीआई जांच चाहता है तो सीबीआई को जांच के लिए प्रेषित किया जाएगा. यदि कानपुर पुलिस द्वारा जांच चाहता है, तो कानपुर पुलिस को जांच के लिए कहा जाएगा.गोरखपुर में पुलिस पिटाई में मारे गए प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी से गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पुलिस लाइन में मुलाकात की.

सीएम ने मीनाक्षी की नौकरी, मुआवजा और गोरखपुर से कानपुर केस ट्रांसफर कराने की मांग मान ली. सीएम योगी आदित्यनाथ ने मनीष गुप्ता की पत्नी को विकास प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी देने और राहत राशि 10 लाख से बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा है. मनीष गुप्ता के परिवार ने सीबीआई जांच की भी मांग रखी. सीएम ने इस पर भी आश्वासन दिया.

विदित हो कि सोमवार रात रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के एक होटल में कानपुर के रहनेवाले 36 साल के रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों प्रदीप और हरी चौहान के साथ ठहरे थे. देर रात होटल में चेक‍िंग के लिए पुलिस पहुंची थी.

इस दौरान यह पाया गया कि तीन लोग गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित महादेवा बाजार के रहनेवाले चंदन सैनी के पहचान पत्र के आधार पर एक कमरे में ठहरे हुए हैं. संदेह होने पर पूछताछ के दौरान कथित रूप से पुलिस की ओर से पिटाई के बाद घायल मनीष की संदिग्ध हालात में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी.

 

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