Tokyo Olympics: टोक्यो ओलंपिक रद्द करने की उठी मांग, प्रधानमंत्री को डॉक्टरों ने लिखा खत

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नई दिल्ली. जापान में लगातार टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) खेलों का विरोध बढ़ता जा रहा है. 23 जुलाई से 8 अगस्त तक टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों को रद्द करने की मांग उठ रही है. दरअसल जापान भी इस वक्त कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है जिसके बाद कई राजनीतिक पार्टियों से लेकर आम जनता तक इन खेलों के आयोजन के खिलाफ है.

अब जापान के पीएम योशिहिदे सुगा को डॉक्टरों के एक दल ने खत लिख इन खेलों को रद्द करने की मांग की है. टोक्यो की डॉक्टरों की एसोसिएशन ने जापानी पीएम को खुला खत लिखा. जिसके मुताबिक, ‘हमारी ये मांग है कि सरकार और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी इन खेलों को रोक दे. ये करना मुश्किल है लेकिन मेडिकल संस्थान इस वक्त कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं और अस्पताल पूरी तरह भरे हुए हैं.’

बता दें जापानी सरकार ने 31 मई तक टोक्यो में इमरजेंसी लगाई हुई है. टोक्यो में भी कोविड मरीजों के लिए बेड और अस्पताल कम पड़ रहे हैं. हालांकि कोरोना के बढ़ते खतरे के बावजूद अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) को लेकर कहा है कि ये खेल तय वक्त पर ही होंगे. आईओसी के उपाध्यक्ष जॉन कोट्स (John Coates) ने बीते शनिवार को कहा कि किसी भी वजह से टोक्यो ओलिंपिक नहीं रुकेंगे और इस साल तय वक्त पर ही खेलों का आयोजन होगा.

बता दें अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी ने अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर और उसकी जर्मन सहयोगी बायोएनटेक के साथ एक डील की है. इस डील के चहत टोक्यो ओलंपिक की तैयारी कर रहे एथलीटों को खेलों से पहले दोनों वैक्सीन लगा दी जाएंगी, जिससे खिलाड़ी कोविड का शिकार नहीं होंगे.

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