नहीं रहे श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के सूत्रधार दिनेश चन्द्र त्यागी, मेडिकल कॉलेज में ली अंतिम सांस

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Dinesh Chandra Tyagi, the architect of Shri Ram Janmabhoomi movement is no more, breathed his last in Medical College
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लखनऊ. श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के सूत्रधार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक दिनेश चन्द्र त्यागी नहीं रहे। श्री त्यागी हिन्दू महासभा के चार बार राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने आज अपरान्ह दो बजे मेरठ मेडिकल कालेज में अंतिम सांस ली। श्री त्यागी 77 वर्ष के थे।

अमरोहा जनपद के मंडी धनौरा तहसील अन्तर्गत ग्राम पेली तगा में वर्ष 1943 में एक संपन्न कृषक परिवार में जन्मे श्री त्यागी की प्रारम्भिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल मे हुई। इसके उपरान्त उन्होंने धनौरा, चांदपुर, इलाहाबाद और बडौत में शिक्षा ग्रहण की। वे भौतिकी में परास्नातक थे। उन्होंने स्नातक की शिक्षा विज्ञान वर्ग में इलाहाबाद विश्व विद्यालय में प्राप्त की। यहीं श्री त्यागी संघ के सरसंघचालक रहे प्रो.राजेन्द्र सिंह उर्फ रज्जू भैया के संपर्क में आये और संघ से जुड़ गए।

श्री त्यागी सात भाई और एक बहन के भरे पूरे परिवार से थे। उनके सभी भाई उच्च शिक्षित और शिक्षा क्षेत्र में रहे हैं। वे वर्ष 1970 में मेरठ में संघ के प्रचारक बन गए थे। इसके बाद संघ में वे मेरठ महानगर प्रचारक, मुरादाबाद जिला प्रचारक, विभाग प्रचारक और पश्चिम उत्तर प्रदेश हिन्दू जागरण मंच के संयोजक रहे। उन्होंने विभाग प्रचारक रहते हुए ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दाऊदयाल खन्ना को जोड़ा और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की भूमिका तैयार की। उनकी प्रेरणा से ही श्री दाऊदयाल खन्ना ने आन्दोलन को नेतृत्व प्रदान किया। श्री राम जन्मभूमि का ताला खोलने के लिए शुरु हुए आन्दोलन के लिए बनी श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के वे संयुक्त सचिव रहे। इस समिति के अध्यक्ष दाऊ दयाल खन्ना और महासचिव महंत अवैध्यनाथ थे।

श्री त्यागी हिन्दू महासभा में भी रहे। वे महासभा के चार बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उन्होंने वर्ष 1984 में मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। विगत करीब एक माह से उनका स्वास्थ्य खराब था। उनके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उन्होंने दो सप्ताह पहले मुरादाबाद के विवेकानंद चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। कल उन्हें मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया था, जहां शुक्रवार दोपहर दो बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को मुरादाबाद सिविल लाइन्स स्थित सरस्वती शिशु मन्दिर लाया गया है। आज मोक्षधाम पर उनकी अन्त्येष्टि की जाएगी।

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