सोमवार से शुरू डोर टू डोर सर्वे, हर बड़े हॉस्पिटल में यह अभियान आज से शुरू

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डेस्क न्यूज: वायरल और डेंगू का कहर शहर में बढ़ता ही जा रहा है। इसके चलते हैलट के इमरजेंसी के बाहर बने जाँच कक्ष में मेडिकल स्टाफ द्वारा ओपीडी में आ रहे मरीजों की जांच करने के साथ साथ जिनको कोरोना की आरटीपीसीआर जांच भी की जा रही है।अस्पताल आने वाले बुखार, सर्दी, जुकाम, टीबी और खासी के मरीजों का एंटीजन टेस्ट करने के निर्देश दिए थे।मंगलवार से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जाने वाले डोर तो डोर सर्वे को अगले सोमवार से शुरू करने के निर्देश दिए गए है।

सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया, जिस तरह से डेंगू, वायरल और अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ रहे है उसे देखते हुए विभाग ने शहर में बने सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश जारी किये हे कि ओपीडी में आने वाले मरीजों की रैंडम जांच शुरू की जाए जिससे यह अंदाजा मिल सकेगा की यह संक्रमण कितना फैल रहा है। इसी को देखते हुए आज से यह प्रोग्राम शुरू कर दिया गया है।

सर्वे के अभियान को एक हफ्ता आगे बढ़ाया…
कोरोना के टीकाकरण अभियान के अंतर्गत मंगलवार से हम लोगों को सर्वे अभियान शुरू करना था, लेकिन कुछ खामियों के कारण इसे अगले सोमवार से शुरू करने का फैसला किया गया है। इसमें विभाग की अलग अलग टीमें लोगों के घर घर जा कर जानकारी लेगी की परिवार में कितने लोगों ने टीकाकरण करवाया है, और अगर नहीं करवाया है तो उसकी वजह क्या है। सर्वे में यह भी पता लगाया जायेगा की घर में कितने बच्चे है और उनकी उम्र क्या है। इससे आने वाले समय में बच्चों के टीकाकरण में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी क्योंकि घरों का डाटा हमारे पास रहेगा। इसमें हम लोगों ने टीम को यह भी निर्देश दिए है कि अगर किसी घर में किसी व्यक्ति को बुखार या डेंगू के लक्षण है तो उनका तुरंत ऑन स्पॉट जांच की जाएगी।

अक्टूबर तक आजायेगी बच्चों की वैक्सीन…
ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्र सरकार अक्टूबर के पहले हफ्ते में बच्चों के टीकाकरण के लिए हरी झंडी दे देगी। बच्चों को लगने वाली वैक्सीन का ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। मिली जानकारी के अनुसार ऐसा अभियान पूरे देश में चलाया जायेगा। इस सर्वे के जरिये भविष्य में बच्चों को कोरोना का टीकाकरण करने में काफी मदद मिलेगी। घर- घर सर्वे में बुखार के मामलों पर भी रहेगी विभाग की नजर। साथ ही टीबी के मरीजों की भी ली जाएगी जानकारी।

डेंगू मरीज मिलने पर मोहल्ला होगा रेड जोन में…
कुरसौली में मिले डेंगू के मरीजों को देखते हुए प्रशासन अब सख्त हो गया है। नोडल अधिकारी अनिल गर्ग कहा है कि अगर शहर में डेंगू का कोई भी मरीज मिलता है तो आसपास के दो दर्जन से अधिक घरों को हॉटस्पॉट माना जाएगा। साथ ही निजी नर्सिंग होम को यह निर्देश दिए है कि अगर किसी भी डेंगू के मरीज का इलाज प्रशासन को बिना बताए किया जायेगा तो उस अस्पताल के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जायेगा।

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