पूर्व अफगान राष्ट्रपति बोले- हमारे मामलों में दखल न दें इमरान खान, अफगानिस्तान में आतंकवाद PAK ने फैलाया

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काबुल/इस्लामाबाद: ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज (OIC) समिट के अगले ही दिन अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री इमरान खान को कड़ी फटकार लगाई। करजई अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत के अघोषित सलाहकार भी हैं। लिहाजा कूटनीतिक हलकों में भी उनकी बात को गंभीरता से लिया जाता है। रविवार को इस्लामाबाद में आयोजित OIC समिट पर करजई ने कहा- इमरान खान और पाकिस्तान सरकार को हमारे मामलों में दखलंदाजी फौरन बंद कर देनी चाहिए। अफगानिस्तान में आतंकवाद पाकिस्तान ने ही फैलाया है।

इमरान ने क्या कहा था
रविवार को OIC समिट के दौरान इमरान ने कहा था- पाकिस्तान में आतंकी हमले अफगानिस्तान की वजह से होते हैं। वहां इस्लामिक स्टेट समेत कई आतंकी संगठन मौजूद हैं। हम चाहते हैं कि दुनिया के तमाम देश इस बात पर ध्यान दें कि अफगानिस्तान को मदद की जरूरत है। अगर वक्त रहते अफगानिस्तान की मदद नहीं की गई तो वहां हालात बदतर हो सकते हैं।

करजई का जवाब
सोमवार को मीडिया से बातचीत में करजई ने कहा- इमरान के आरोप बेबुनियाद हैं। वो अफगानिस्तान को बदनाम करने की साजिश रचते रहे हैं। सच्चाई तो ये है कि इस्लामिक स्टेट के आतंकी पाकिस्तान में मौजूद हैं और वो हमारे देश में हमले करते हैं। मैं इमरान को यही सलाह देना चाहता हूं कि अब भी वक्त है कि वो हमारे मामलों में दखलंदाजी बंद करें। पाकिस्तान को दुनिया में हमारी पैरवी करने को कोई जरूरत नहीं है।

इस बयान का मतलब समझिए
तालिबान ने जब काबुल पर कब्जा किया तो राष्ट्रपति अशरफ गनी समेत तमाम नेता मुल्क छोड़कर भाग गए। दो बार राष्ट्रपति रह चुके करजई ने देश नहीं छोड़ा। तालिबान उन्हें काफी तवज्जो देता है। वे अघोषित तौर पर तालिबान हुकूमत के सलाहकार हैं। लिहाजा, उनके बयान को तालिबान सरकार का नजरिया ही समझा जा रहा है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान और इमरान सरकार के साथ यह पाक फौज और ISI के लिए भी यह बड़ा झटका है। इसके मायने ये हुए कि अफगानिस्तान दुनिया के सामने यह साफ कर रहा है कि वो पाकिस्तान के भरोसे नहीं है।

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