नई दिल्ली :- भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते से निर्यात के लिए नए अवसर खुलेंगे : फियो

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India-Australia trade deal
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India-Australia trade deal नई दिल्ली :- देश में निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो ने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (भारत-आस्ट्रेलिया ईसीटीए) दोनों देशों के संबंधों में एक मील का पत्थर है और इससे दोनों देशों के बीच एक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते का मार्ग प्रशस्त होगा।

संबंधों का और विस्तार करेगा

भारतीय निर्यात संघों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल ने भारत-आस्ट्रेलिया ईसीटीए को रिकॉर्ड समय में अनुमोदित के स्तर पर पहुंचाने में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का धन्यवाद करते हुए कहा, ‘यह ईसीटीए एक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो साझेदारी के नए क्षेत्रों को शामिल करते हुए संबंधों का और विस्तार करेगा।

फियो अध्यक्ष ने एक बयान में कहा है कि समझौते के लागू होने के दिन से भारत से निर्यात की जाने वाली 98.3 प्रति वस्तुओं पर वहां के बाजार में सीमाशुल्क शून्य हो जाएगा। पांच साल में शत-प्रतिशत वस्तुओं को शून्य शुल्क का लाभ प्राप्त होने लगेगा। इस समझौते से विशेष रूप से भारत के श्रम गहन परिधान और वस्त्र, चमड़ा और जूते, रत्न और आभूषण, फर्नीचर और निर्यात के सामान, मशीनरी और बिजली के सामान के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा।

इसी तरह भारत को आस्ट्रेलियायी बाजार में दवाओं के निर्यात में आसानी होगी। डा शक्तिवेल ने कहा भारत में बनायी जाने वाली ऐसी कई दवाओं को अमेरिका/ब्रिटेन/यूरोपीय संघ/कनाडा/जापान में पहले से ही स्वीकृति प्राप्त है उन्हें आस्ट्रेलिया में शीघ्र स्वीकृति मिल जाएगी । इससे 13 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के इस बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करेगी।

India-Australia trade deal शून्य शुल्क सुविधा भी मिलेगी

फियो ने कहा कि आस्ट्रेलिया से कोयला, तांबा, निकल, एल्युमीनियम, मैंगनीज, ऊन, खाल और त्वचा जैसे महत्वपूर्ण आदानों का शुल्क मुक्त आयात हमारे विनिर्माण और निर्यात को बाजार प्रतिस्पर्धा में शक्ति प्रदान करेगा। ऑस्ट्रेलिया को भारत में उनके निर्यात की 90 प्रतिशत वस्तुओं के संबंध में शून्य शुल्क सुविधा भी मिलेगी।

फियो ने कहा है कि 18 महीने से लेकर 4 साल तक के पोस्ट स्टडी वर्क वीजा से एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों को फायदा होगा। इसी तरह अगले 12 महीनों में आपसी मान्यता समझौते को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता से दोनों पक्षों के पेशेवरों को बहुत लाभ होगा।

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