भारत जल्द दे सकता है तालिबान को मान्‍यता, चिंता का विषय बने आतंकी संगठन अलकायदा और आइएस

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नई दिल्ली। खबर है कि अफगानिस्तान में जल्द गठित होने वाली तालिबान की सत्ता को भारत मान्यता देने में ज्यादा देर नहीं करेगा। भारत सरकार ने तालिबान से आधिकारिक तौर पर वार्ता शुरू कर दी है। परन्तु आतंकी संगठनों की मजबूती को देखते हुए भारत की चिन्ता बढ़ गई है। इसे ध्यान में रखते हुए तालिबान से जुड़ा सम्बन्ध पूरी तरह से इस बात से तय होगा कि अफगानिस्तान में भारत विरोधी शक्तियों को किस तरह से देखा जाता है। भारत कतई यह नहीं चाहेगा कि तालिबान शासन के तहत अलकायदा और इस्लामिक स्टेट-खुरासान (आइएस-के) जैसे आतंकी संगठन उसके हितों के लिए वैसा ही खतरा बने, जैसा अशरफ घनी सरकार के कार्यकाल में तालिबान बना था।

अलकायदा ने जारी किया नोट

पिछले 24 घंटों के दौरान अलकायदा जैसे संगठनों ने तालिबान में मजबूत होने के संकेत दिए हैं, जिससे भारत की चिंता बढ़ गई है। एक दिन पहले कतर में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल और तालिबान के शीर्ष नेता मुहम्मद अब्बास स्टेनकजई की मुलाकात की खबरों के आने के कुछ ही घंटे बाद अलकायदा ने एक विस्तृत नोट जारी किया है। इसमें एक तरफ अलकायदा ने तालिबान की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कश्मीर जैसे इलाकों में विदेशी हुकूमत के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

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