राज्यसभा से निलंबित सांसदों के पास चॉकलेट-टॉफी लेकर पहुंचीं जया बच्चन, सियासत भी गरमाई

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नई दिल्ली: संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र से विपक्षी दलों के 12 सांसदों का निलंबन कर दिया है। संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को भी विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया, जिसके कारण लोकसभा और राज्‍यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही स्‍थगित हुई। राज्यसभा में ‘अशोभनीय आचरण’ के लिए निलंबित विपक्षी दलों के 12 सांसद इसी मुद्दे को लेकर संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। विपक्ष ने राज्‍यसभा से 12 सांसदों के न‍िलंबन को बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है।

आपको बता दें कि पिछले मॉनसून सत्र के दौरान हुए हंगामे के चलते इन्हीं सांसदों को निलंबित किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उपसभापति हरिवंश की अनुमति से इस सिलसिले में एक प्रस्ताव रखा जिसे विपक्षी दलों के हंगामे के बीच सदन ने मंजूरी दे दी। वहीं अशोभनीय आचरण के चलते निलंबित सांसदों के पास सपा सांसद जया बच्‍चन पहुंचकर उनका हौसला अफजाई किया। धरने पर पहुंची जया बच्चन ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों को सांसदों को चॉकलेट और टॉफी दिए। सांसदों को यह देते हुए उन्‍होंने कहा कि आपकी एनर्जी के लिए यह बहुत जरूरी हैं, ताकि आप सरकार के खिलाफ धरना पर बैठे रहें।

राजयसभा से जिन सांसदों को निलंबित किया गया है उनमें तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई, कांग्रेस के राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, रिपुन बोरा, अखिलेश प्रताप सिंह, फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं।

आपको बता दें कि संसद सत्र के तीसरे दिन विपक्षी सांसदों की ओर से कई मसलों पर चर्चा के लिए प्रस्‍ताव दिया गया है, जिनमें LPG सिलेंडर के महंगे होने के साथ-साथ कोविड से होने वाली मौतों का मामला भी शामिल है। वहीं कांग्रेस ने कोविड से जान गंवाने वालों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग सरकार से की है।

इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निलंबित सांसदों को लेकर कहा, ‘अगर 12 निलंबत सांसद फिर से सदन में आना चाहते हैं तो उन्‍हें अपने किए पर अफसोस जाहिर करना चाहिए। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने निलंबित सांसदों से माफी की मांग को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा, ‘किस बात की माफ़ी? संसद में जनता की बात उठाने की? बिलकुल नहीं!’ वहीं निलंबित विपक्षी सांसदों का कहना है कि ये निलंबन पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। जनता का सवाल उठाते रहेंगे। किसानों की आवाज बनते रहेंगे। माफी किसी भी हाल में नहीं मानेंगे।

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