पूर्व CM कल्याण सिंह को कलराज मिश्र ने दी श्रद्धांजलि, साथ बिताए पलों को भी किया याद…

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (बाबू जी) ने शनिवार 21 अगस्त की रात 9 बजे 89 साल की उम्र में लखनऊ के SGPGI में आखिरी सांस ली। कल्याण सिंह 48 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। रविवार को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, BJP अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़ी हस्तियों ने पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि दी। इस बीच राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने बाबू जी को श्रद्धांजलि दी।

पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि देते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि कल्याण सिंह देश के ऐसे विरल राजनेता थे, जिन्होंने जन कल्याण के लिए ही सदा कार्य किया. उनका बिछोह भारतीय राजनीति की कभी न भरी जा सकने वाली रिक्तता है. वहीं, उन्होंने अपने एक लेख के जरिए सिंह के साथ बिताए पलों को साझा किया है. बता दें कि एक वक्त यूपी में कल्याण और कलराज की जोड़ी का वैसा ही दबदबा था जैसा आज देश की राजनीति में पीएम मोदी और अमित शाह का है.

बहरहाल, कलराज मिश्र ने लिखा कि राजनीति में दृढ़ निश्चय और संकल्प रख कार्य करने वाले और रिश्तों की गरिमा निभाने वाले कल्याण सिंह जैसे लोग बहुत कम होते हैं. मेरा सौभाग्य रहा है कि शुरू से ही आत्मीयता के साथ छोटे भाई सा स्नेह मुझे दिया. यही नहीं, एक दौर में उत्तर प्रदेश में यह कहा जाने लगा था कि कल्याण सिंह-कलराज मिश्र की जोड़ी जब तक रहेगी, तब तक भाजपा की स्थिति कभी खराब नहीं हो सकती. इसके साथ मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते वह सार्वजनिक सभाएं करते थे, तो मैं प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मंडल और ब्लॉक स्तर की सभाएं करता. यही नहीं, जब उनके भाजपा से संबंध खराब हो गए तब भी मेरे उनसे पूर्वत संबंध बने रहे.

कलराज रहेगा तभी तो कल्याण होगा

कलराज मित्र ने अपने लेख में कहा कि एक समय था, कल्याण सिंह अक्सर लोगों से कहा करते थे कि कलराज रहेगा तभी तो कल्याण होगा. किसी से संबंध खराब हो भी जाएं तो कटुता नहीं पालते थे. भाजपा की स्थापना के समय से ही हम आपस में अटूट रूप में जुड़ गए थे. 1991 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जब मुरली मनोहर जोशी थे तब यह प्रश्न उठा था कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए. मुख्यमंत्री के लिए अचानक अटल बिहारी वाजपेयी का नाम चला था, लेकिन मैंने तब आग्रहपूर्वक प्रस्तावित किया था कि वाजपेयी के अंदर मैं भविष्य का प्रधानमंत्री पद देखता हूं. यूपी में कल्याण सिंह का बड़ा आधार बन सकता है, इसलिए उन्हें ही सीएम बनाया जाए. उस वक्ती मैं यूपी का अध्यधक्ष था. इसके बाद कल्याण सिंह यूपी के सीएम बने और वाजपेयी ने देश की सत्ता संभाली.

कल्याण ने किसान और गरीब का हमेशा रखा ध्यान

इसके अलावा मिश्र ने लिखा कि सीएम रहते उन्होंने किसान और गरीब को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई. मुझे याद है, यूपी में उस समय परीक्षाओं में नकल के लिए कुख्यात हो गया था. कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री रहते नकल अध्यादेश लाने की पहल की थी, तो उनके समय में प्रदेश अपराधविहीन हो गया था. वे जाति और मजहब के नाम पर राजनीति करने के खिलाफ थे. मुख्यमंत्री के रूप में कल्याण सिंह ने प्रत्येक स्तर पर समन्वय समिति बना रखी थी, जिसमें उनके साथ मैं भी शामिल होता था. इसके साथ मिश्र ने लिखा कि अयोध्या में कारसेवकों द्वारा ढांचा गिराने की जिम्मेदारी लेते हुए कल्याण सिंह ने खुद मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिया था. कल्याण सिंह ने मुझे छोटे भाई की तरह प्यार दिया. मैं उन्हें कभी भुला नहीं सकूंगा.

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