किसान महापंचायत: कृषि कानूनों पर बोलीं प्रियंका गांधी- हमारी सरकार बनी तो राक्षस रूपी कानून होंगे खत्म

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Priyanka Gandhi said attack on central government, asked questions on oxygen crisis
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लखनऊ. कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव (UP assembly Election 2022) को लेकर अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर रही है. जबकि कांग्रेस ने कृषि कानूनों का खुला विरोध कर किसानों को साधने के लिए पश्चिमी यूपी में 10 फरवरी से जय जवान-जय किसान अभियान के तहत किसान महापंचायत का आगाज कर दिया है. इस बीच सहारनपुर में कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कृषि कानूनों को लेकर बड़ा बयान दिया है.

यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो 3 कृषि कानून बनाए हैं वो राक्षस रूपी कानून हैं और यह किसानों को मारना चाहते हैं. यह कानून भाजपा के नेतृत्व के पूंजीपति मित्रों के लिए जमाखोरी के दरवाजे खोलेगा. हमारी सरकार बनेगी तो यह कानून खत्म हो जाएंगे.

इसके साथ प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो कानून आपको पीसने के लिए नहीं बल्कि मदद के लिए बनेंगे. हम आपके जीवन के साथ राजनीति नहीं करेंगे. इस दौरान उन्हों ने कहा कि 1955 में जवाहरलाल नेहरू ने जमाखोरी के खिलाफ कानून बनाया था, लेकिन इस कानून को भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया है. यह नया कानून ‘अरबपतियों’ की मदद करेगा और वह किसानों की उपज का मूल्य तय करेंगे. इसे साथ प्रियंका ने कहा कि किसानों को देशद्रोही कहने वाला और उसका मजाक उड़ाने वाला कतई देश भक्त नहीं हो सकता.

पीएम मोदी पर प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) का जोरदार हमला

सहारनपुर किसान महापंचायत के दौरान कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी जोरदार हमला बोला. उन्हों ने कहा कि पीएम मोदी के 56 इंच के सीने में छोटा सा दिल है, जो किसानों के बजाए अपने खरबपति दोस्तों के लिए धड़कता है. इसके साथ उन्होंने कहा जिसने रेलवे और कई सरकारी उपक्रम बेच दिए उस पर अब देशवासी भरोसा नहीं कर सकते हैं. इसके अलावा कांग्रेस महासचिव ने गन्ना किसानों की बात करते हुए कहा कि किसानों का 15 हजार करोड़ रुपये भुगतान नहीं दिया गया. जबकि 16 हजार करोड़ में अपने लिए दो जहाज खरीद लिए और 20 हजार करोड़ रुपये संसद भवन के सुंदरीकरण के लिए खर्च कर रहे हैं, जिसकी इस समय कोई जरूरत नहीं थी.

बता दें कि कृषि कानूनों का खुला विरोध करने के बाद कांग्रेस ने पश्चिमी यूपी में 21 फरवरी तक किसान आंदोलन से जुड़े 27 जिलों की 134 तहसीलों में किसान महापंचायत करने का फैसला किया है. जबकि इसकी शुरुआत सहारनपुर की किसान महापंचायत से हुई है.

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