सड़कों की गुणवत्ता की जांच में नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाये- मुख्य सचिव

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लखनऊ। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत बनने वाली सड़कें निर्धारित समयावधि में पूरी हों। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाये तथा सड़कों की गुणवत्ता की जांच में नवीनतम टेक्नोलाॅजी का इस्तेमाल किया जाये।

इससे पूर्व अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत निर्मित सड़कों का अनुरक्षण सड़क बनने के बाद पांच वर्ष तक सम्बन्धित कान्ट्रैक्टर द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि नवीन गाइडलाइन्स के अनुसार सड़क निर्माण के पश्चात् 05 साल तक अनुरक्षण सम्बन्धित ठेकेदार द्वारा किया जायेगा तथा उक्त अवधि के समाप्त होने पर सड़क का नवीनीकरण स्टेट द्वारा कराया जायेगा तथा अगले 05 साल तक अनुरक्षण पुनः सम्बन्धित ठेकेदार, जिसने सड़क का नवीनीकरण किया है, द्वारा किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा वर्ष, 2019-24 के लिए 18937 किमी0 सड़क निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम बैच में 898 सड़कें लम्बाई 6287.37 किमी0 और 05 पुल लम्बाई 134.40 मी0 भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गयी हैं, जिसके लिए टेण्डर प्रक्रिया गतिमान है जो कि 28 फरवरी,2021 तक पूरी हो जायेगी। उन्होंने बताया कि 299 सड़कें लम्बाई 2500 किमी0 की डीपीआर भारत सरकार को प्रेषित की गयी हैं जो कि नवीनतम तकनीक से तैयार की जायेगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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