लखनऊ- IMRT के “नारी शक्ति सप्ताह” का दूसरा दिन; जस्टिस रेखा बोलीं- महिलाओं में संघर्ष एवं प्रगति की अपार शक्ति

0
148
Justice Rekha dixit
.

लखनऊ. आईएमआरटी में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय महिला सम्मान एवं नारी शक्ति सप्ताह कार्यक्रम के दूसरे दिन आज महिलाओं को संघर्ष करने एवं जीवन में आगे बढ़ने के जहां गुर सिखाये गये वहीं कई क्षेत्रों में प्रगति का परचम लहराने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। “न स्त्री रत्नमसम् रत्नम्” थीम पर आयोजित होने वाले इस समारोह में आज कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ बेंच की न्यायाधीश रेखा दीक्षित ने अपने अनुभव महिलाओं एवं छात्राओं को बताए और संघर्ष के साथ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को प्रेरित किया।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यायाधीश रेखा दीक्षित ने महिलाओं को अपने गुणों को पहचाने और उनकी क्षमताओं को महसूस कर आगे बढ़ना चाहिए, साथ ही उन्होंने घरेलू अपराध के खिलाफ आवाज उठाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए लड़कियों को प्रोत्साहित किया। वहीं उद्योगपति पूजा गुप्ता ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने स्टार्टअप अल्पाहार के माध्यम से रोजगार प्रदान करके जरूरतमंद महिलाओं की मदद की और कैसे वह दो कर्मचारियों से एक स्थापित उद्यम की सफलता की ऊंचाई तक पहुंची।

उल्लेखनीय है कि, राजधानी का प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान आईएमआरटी ने यह सप्ताह महिलाओं के मान-सम्मान और महिला सशक्तीकरण के नाम किया है। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ववलन एवं ईश्वर की वन्दना के साथ किया गया। प्रसिद्ध ऐंकर अनुकृति गोविन्द शर्मा ने मुख्य अथिति इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायधीश रेखा दीक्षित, आईपीएस एसपी रुचिता चौधरी,  आईएफएस ईवा शर्मा, एम0डी0 डॉ0 रीचा चौधरी, उद्योगपति पूजा गुप्ता, एसिड अटैक सरवाइवर  कुन्ती एवं अन्शू राजपूत का स्वागत किया। वहीं कालेज की छात्राओं ने सांस्कृतिक नृत्य एवं समूहगीत के द्वारा नारी शक्ति की समाज और परिवेश में महत्वता को दर्शाया।

सर्वप्रथम सभी अतिथियों को मॉ दुर्गा की प्रतिमा देकर अखिल रमन द्वारा न्यायमूर्ति रेखा दीक्षित, निशा बंसल द्वारा रुचिता चौधरी, डा0 लोकराम बंसल द्वारा ईवा शर्मा, नीलम सिंह द्वारा डॉ0 ऋचा चौधरी, छाया गुप्ता द्वारा पूजा गुप्ता, डा0 चारु रावत और सुरभि अग्रवाल द्वारा कुंती और अंशु राजपूत को सम्मानित किया गया।

आईपीएस एसपी रुचिता चौधरी ने आईएमआरटी द्वारा प्रदान किए गए अवसर के लिए धन्यवाद दिया, साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं को न केवल अवसर को हथियाने की जरूरत है, बल्कि उनके संबंधित क्षेत्रों में उनकी क्षमता और क्षमताओं को साबित करना भी है। उन्होने यह भी उल्लेख किया है कि हम महिलाएं आबादी की पिछलग्गू हैं और हम पूरी आबादी पर शासन कर सकते हैं।

आईएफएस ईवा शर्मा ने कहा कि जहां महिलाओं की पूजा की जाती है, भगवान वहीं निवास करते हैं। भारतीय शास्त्रों में भी महिलाओं को महत्व दिया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि महिलाओं ने भी पुरुषों के साथ युद्ध में समान रूप से भाग लिया। महिलाओं को “अर्धांगिनी” कहा जाता है, जिसका अर्थ है पुरुष महिलाओं के बिना अधूरे हैं, इसके साथ ही अपने पेशेवर जीवन में वह लखनऊ चिड़ियाघर की पहली महिला निदेशक थीं, इतने सारे अवरोधों के साथ उन्होंने सभी बाधाओं को दूर किया और सभी कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त किया। उन्होंने शहर के चारों ओर पूर्ण समर्पण के साथ वृक्षारोपण भी किया है। वह यह कहकर बातचीत को आराम देती है कि यदि आप पूर्ण समर्पण के साथ काम करते हैं तो आपको सफलता मिलेगी। उन्होंने आईएमआरटी के छात्रों को कटारनिया घाट वन्यजीव अभयारण्य बहराइच में प्रकृति के बारे में जागरूक करने के लिए आमंत्रित किया।

एम0डी0 डॉ0 ऋचा चौधरी ने इस आयोजन का हिस्सा बनने का सौभाग्य महसूस किया और उन्होंने लड़कियों को सामाजिक मुद्दों के बारे में खुल कर बात करने और किसी भी भेदभाव या लैंगिक पक्षपात के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित कियाए महिलाओं को पूरे वर्ष और न केवल किसी विशेष दिन अपने आप को खुश रखना चाहिए।

एसिड अटैक सरवाइवर कुंती और अंशु राजपूत ने दर्शकों के साथ अपनी दुखद घटना को साझा किया और उन्हें बताया कि उनके चेहरे पर तेजाब फेंका गया न की उनकी इच्छा और इच्छाशक्ति पर इसलिए वे आगे बढ़ती रही और अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणा बनी हैं।

इस अवसर पर चेयरमैन डी0 आर0 बंसल (रिटायर्ड आई0एफ0एस0) ने सभी अतिथियों को धन्यवाद करते हुए यह आश्वासन दिया कि आई0एम0आर0टी में इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम निरंतर संचालित होते रहेंगे, एवं अतिथियों से भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम में आई0एम0आर0टी से जुड़े रहने का आग्रह किया।

.