Maharashtra: जयंत पाटिल ने किया गृहमंत्री देशमुख का बचाव, बोले- सरकार के तीनों दलों में समन्वय की कोई कमी नहीं

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Maharashtra minister Jayant Patil news removal Home Minister Anil Deshmukh
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मुंबई. पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे (Sachin Waze) मामले में महाराष्ट्र सरकार खुद तनाव में आती दिख रही है। महाराष्ट्र सरकार और पुलिस विभाग पर उठ रहे सवाल कहीं ना कहीं सरकार की मुश्किलें बढ़ाते हुए नज़र आ रहे हैं।
एनसीपी नेता और मंत्री जयंत पाटिल ने कहा है कि गृहमंत्री अनिल देशमुख (Home Minister Anil Deshmukh) को हटाए जाने की खबरें पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि शरद पवार (Sharad Pawar) ने मीटिंग कामकाज के संदर्भ में बुलाई थी। शरद पवार (Sharad Pawar) और सीएम के साथ हुई मीटिंग कई मुद्दों को लेकर थी। पवार समय-समय पर सीएम के साथ ऐसी मुलाकात करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अनिल देशमुख ही रहेंगे।

पवार का फैसला आखिरी होगा

वहीं महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) से जब गृहमंत्री के हटाए जाने की खबर के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में शरद पवार (Sharad Pawar) का फैसला आखरी होता है। वे जो कहेंगे वह सब को मानना होता है महाविकास अघाड़ी सरकार में किसी भी प्रकार के मतभेद यह समन्वय की कमी नहीं है। वहीं एनसीपी कोटे के मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा है कि विरोधी दल के पास ठाकरे सरकार की बदनामी के अलावा दूसरा कोई काम नहीं है।

महाविकास अघाड़ी सरकार में पड़ी फुट

राम कदम ने कहा है कि सचिन वझे का बचाव करने वाली शिवसेना की वजह से महाविकास अघाड़ी सरकार के घटक दलों के बीच में तकरार शुरू है। महाविकास अघाड़ी सरकार में वझे की वजह से भारी दरार और फूट पड़ी है। राम कदम ने यह भी सवाल उठाए हैं कि क्या गृहमंत्री अनिल देशमुख सचिन वझे और शिवसेना के रिश्तो की जांच करने की हिम्मत जुटा पाएंगे? कदम ने कहा यह तो तय है कि बड़े नेता और अफसर भी इस मामले में शक के घेरे में हैं और उनको बचाने के लिए शिवसेना वकालत करती हुई नजर आ रही है।

सचिन वझे के नार्को टेस्ट की मांग

महाराष्ट्र (Maharashtra) बीजेपी के नेता और विधायक राम कदम (MLA Ram kadam) ने अब NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वझे के नार्को टेस्ट (Sachin Waze Narco Test) की मांग की है। रामकदम का कहना है कि इसे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बीजेपी ने महाराष्ट्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया है कि जो अधिकारी पूरे षडयंत्र का प्रमुख था वही पूरे केस का जांच अधिकारी भी था। इससे पता चलता है महाराष्ट्र सरकार यह सबकुछ जानबूझकर करवा रही थी। क्या महाराष्ट्र सरकार कुछ बड़े नामों को बचाना चाहती थी?

फिर बिगड़ी सचिन वझे की तबियत

NIA (NIA) की हिरासत में भेजे गए एपीआई सचिन वझे की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें इलाज के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल (Mumbai JJHospital) में लाया गया है। बीती रात सचिन वझे की तबीयत खराब हुई थी। जिसके बाद NIA के कार्यालय में डॉक्टर को बुलाया गया था। रात में तकरीबन एक बजे के आसपास NIA के कार्यालय से डॉक्टर बाहर गए थे। अब सोमवार की दोपहर फिर से सचिन वझे की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है।

NIA कार्यालय में उपचार इलाज संभव ना होने की वजह से उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में लेकर आया गया है। इसके पहले शनिवार की रात भी वझे (Sachin Waze) की तबीयत बिगड़ने की खबर आई थी। NIA ने उनसे तकरीबन 13 घंटे तक पूछताछ की थी। जिसकी वजह से तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था। सूत्रों के मुताबिक जेजे अस्पताल में उन्हें ग्लूकोज़ भी चढ़ाया गया था। जिसके बाद दूसरे दिन भी सचिन वझे के इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया गया था। सचिन वझे से पूछताछ के दौरान NIA सभी एहतियात बरत रही है।

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