मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं नारायण राणे, रह चुके हैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

0
86
Narayan Rane in modi cabinet
.

मुंबई. महाराष्ट्र बीजेपी (Maharahstra BJP) के दो बड़े चेहरों को मोदी कैबिनेट के विस्तार (Modi Cabinet expansion) में जगह मिलने की खबरें फिलहाल सियासी हलकों में चल रही है। इनमें से पहला नाम है महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद नारायण राणे (Narayan Rane) का और दूसरा नाम है स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे का।

आखिर बीजेपी सांसद नारायण राणे (Narayan Rane) को मोदी के मंत्रिमंडल में क्यों जगह दे रही है? क्या है बीजेपी की रणनीति? आज हम आपको इसके पीछे की पांच बड़ी वजहें बताएंगे, जो राणे की दावेदारी को काफी मजबूत करती हैं। फिलहाल राणे दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

पांच वजहों पर चर्चा करने से पहले आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि नारायण राणे (Narayan Rane) एक बेहद महत्वाकांक्षी राजनेता है। युति के शासनकाल में स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से उन्होंने मुख्यमंत्री की कमान भी संभाली थी। हालांकि बाद में शिवसेना से मनमुटाव के चलते उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। कांग्रेस में उन्होंने राजस्व मंत्री का कार्यभार संभाला था। कांग्रेस में बतौर कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्होंने कई बार कांग्रेस आलाकमान से खुद को मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात कही थी। हालांकि बाद में जब कांग्रेस का जनाधार गिरने लगा और बीजेपी की सत्ता में वापसी हुई तो उन्होंने बीजेपी से दोस्ती कर ली।

अमित शाह (Amit Shah) के दौरे पर बनी बात

नारायण राणे (Narayan Rane) के निमंत्रण पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कुछ दिनों पहले कोंकण का दौरा किया था। राज्य में महाविकास अघाड़ी सरकार बनने के बाद ऐसा पहली बार हुआ था। जब किसी नेता के बुलावे पर खुद अमित शाह (Amit Shah) आए हों। शाह के दौरे के बाद से ही बीजेपी में नारायण राणे (Narayan Rane) के बढ़ते कद की चर्चा शुरू हो गई थी। इसके अलावा उसी समय राणे की सुरक्षा व्यवस्था को भी केंद्र सरकार ने और भी बढ़ा दिया था। इन दोनों घटनाओं ने यह जता दिया था कि नारायण राणे (Narayan Rane) की केंद्र में ताकत बढ़ रही है। तब से यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है।

राणे की दावेदारी को मजबूत बनाने वाली ये हैं पांच वजहें

1) कट्टर शिवसेना विरोधी
महाराष्ट्र में यह बात सब जानते हैं कि बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से नारायण राणे (Narayan Rane) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे और उनकी मौजूदगी में ही उन्होंने शिवसेना को छोड़ा भी था। नारायण राणे (Narayan Rane) के शिवसेना छोड़ने के पीछे उद्धव ठाकरे के साथ उनका तालमेल ना बैठना था। बीजेपी ज्वाइन करने के बाद नारायण राणे (Narayan Rane) ने उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा है। फिलहाल शिवसेना, बीजेपी के निशाने पर है। ऐसे में राणे को और भी मजबूत कर शिवसेना को और भी ज्यादा टारगेट किया जा सकता है।

2) मराठा चेहरा

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा अभी भी महाविकास अघाड़ी सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहा है। इस मुद्दे पर राज्य में मौजूद सभी सियासी पार्टियां इसको अगले चुनाव में भुनाने की तैयारी कर रही हैं। नारायण राणे (Narayan Rane) ने भी मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी है और उद्धव ठाकरे को निशाना बनाया है। राणे ने न सिर्फ महाविकास अघाड़ी बल्कि सीधे छत्रपति संभाजी पर भी निशाना साधा था। ऐसे में बीजेपी, राणे के जरिये मराठा युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करना चाहती है। यह बात भी नहीं भूलनी चाहिये कि मराठा आरक्षण के लिए राणे की अध्यक्षता वाली समिति ने सिफारिश की थी।

3) BMC चुनाव
देश भर में सबसे अमीर महानगरपालिका के रूप में जानी जाने वाली BMC का अगले साल चुनाव होना है। बीते 26 सालों से मुंबई में BMC पर शिवसेना की सत्ता है। इस बार बीजेपी ने शिवसेना को BMC से उखाड़ फेंकने की बात कही है। इसके लिए अतुल भातखलकर जैसे मराठा नेता जिम्मेदारी भी दी गई है। ऐसे में अगर नारायण राणे (Narayan Rane) को मंत्री बनाया तो यह बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

4) बीजेपी में शामिल होने वालों को सम्मान
चुनाव के दौरान एनसीपी और कांग्रेस को छोड़ बहुत से नेताओं ने बीजेपी में प्रवेश किया था। उस दौरान उन्हें यह लगा था कि बीजेपी ही सत्ता में आएगी और उन्हें सत्ता की मलाई खाने को मिलेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जिसके बाद आज भी महत्वपूर्ण पद बीजेपी के निष्ठावान नेताओं के पास ही है। फिलहाल जिन नेताओं ने बीजेपी में प्रवेश लिया था उनको भी सम्मान देकर रोके रखना चाहती है बीजेपी। राणे भी बीजेपी में आए हुए नेता हैं। ऐसे में उन्हें मंत्री बनाकर बाकी लोगों को एक संदेश देना चाहती है बीजेपी कि आपका भी नंबर आएगा।

5) राज्य में राणे का बड़ा जनाधार
महाराष्ट्र से मोदी के मंत्रिमंडल में नितिन गडकरी,पीयूष गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, रावसाहेब दानवे और संजय धोत्रे जैसे मंत्री हैं। जिसमें नितिन गडकरी को छोड़कर किसी का भी राज्य में बड़ा जनाधार नहीं है। सिर्फ दानवे का अपने मतदान क्षेत्र में प्रभाव नजर आता है। वहीं जावड़ेकर और गोयल दोनों ही नेता मोदी की कृपा से मंत्री पद पर आसीन हैं। ऐसे में मोदी के मंत्रिमंडल में महाराष्ट्र के 5 से 6 लोग मंत्री होने के बाद भी राज्य में रोज की सियासत में दखल पर आज पर प्रश्नचिन्ह है। लिहाजा, नारायण राणे (Narayan Rane) को मंत्री बनाने का सीधा फायदा बीजेपी को मिलेगा।

.