नवाब मलिक का दावा! समीर वानखेड़े की नौकरी तो जाएगी

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मुंबई: महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने एक बार फिर से समीर वानखेड़े के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने कहा कि समीर वानखेड़े की नौकरी जाना तय है। मलिक ने कहा कि समीर वानखेड़े ने एक के बाद एक कई फर्जीवाड़े किए हैं। इस फर्जीवाड़े में उनके पिता भी शामिल हैं।

मलिक ने कहा कि नवी मुंबई में सद्गुरू रेस्टोरेंट एंड बार नाम का एक होटल चल रहा है। जिसके मालिक समीर वानखेड़े हैं। इस होटल का लाइसेंस समीर वानखेड़े के पिता ने इसे उनके नाम से जारी करवाया था। जब यह लाइसेंस जारी करवाया गया था। तब समीर वानखेड़े की उम्र 17 साल 10 महीने 19 दिन थी। समीर वानखेड़े उस समय नाबालिग थे, लेकिन उनके पिता ने इस बात की परवाह न करते हुए एक नाबालिग लड़के के नाम पर एक शराबखाना शुरू करवाया, यह कानूनन अपराध है।

समीर वानखेड़े के तीन फर्जीवाड़े
नवाब मलिक ने कहा कि समीर वानखेडे ने तीन अहम फर्जीवाड़े किए हैं। जिसमें से पहला आर्यन खान ड्रग्स मामले में 25 करोड़ की फिरौती का मामला। जिसमें से 50 लाख लेना और फिर लौटाना। इसके बाद दूसरा फर्जीवाड़ा यह है कि उन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए एक सरकारी अधिकारी की नौकरी हासिल की। जिसकी वजह से एक दलित समुदाय के व्यक्ति का हक मारा गया।

उनका तीसरा फर्जीवाड़ा यह है कि नाबालिग होने के बावजूद उनके नाम पर एक रेस्टोरेंट एंड बार का होना और इसके बारे में अपने विभाग को गलत जानकारी देना। यह शराब खाना आज भी समीर वानखेड़े के नाम पर चल रहा है। किसी भी सरकारी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह नौकरी करते हुए एक शराब खाना चलाए। यह तीनों सबूत अपने आप में काफी हैं कि समीर वानखेड़े की नौकरी जाए। साथ ही उनके ऊपर मुकदमा दर्ज कर उन्हें सजा दी जाए। अगर अभी केंद्र सरकार समीर वानखेड़े की करतूतों पर आंख बंद करेगी, तो यह साबित होगा कि वह भी समीर वानखेड़े के साथ हैं।

शराबखाने का 2 लाख 40 हज़ार किराया
नवाब मलिक के मुताबिक समीर वानखेड़े ने साल 2017 में जो अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है। उसके अनुसार इस सदगुरु बार एंड रेस्टोरेंट का 2 लाख 40 हजार सालाना किराया उन्हें मिल रहा है। इसके अलावा 1995 में इस संपत्ति की कीमत उन्होंने एक करोड़ रूपए दिखाई थी।

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