स्पोर्ट्स डेस्क. टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा अपनी धीमी बल्लेबाजी के लिए आलोचनाओं का शिकार होते रहते हैं। अब पुजारा का मानना है कि स्ट्राइक रेट को लेकर उनकी आलोचना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन मेरी बल्लेबाजी शैली को जानता है। टी20 के इस दौर में भी पुजारा स्ट्राइक रेट की परवाह किए बिना क्रीज पर जमे रहते हैं। हाल में रणजी ट्रोफी फाइनल में 237 गेंदों पर 66 रन बनाने के लिए भी उनकी कड़ी आलोचना हुई थी। उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि मैं डेविड वॉर्नर या वीरेंदर सहवाग जैसा नहीं बन सकता लेकिन अगर कोई सामान्य बल्लेबाज क्रीज पर समय ले रहा है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

पुजारा कहीं से भी खेल रहे हों उन्हें हमेशा अपने स्ट्राइक रेट के कारण ही आलोचना सहनी पड़ती है। वहीं पुजारा ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि टीम के अंदर इसको लेकर ज्यादा बात होती है। मीडिया में इसका विश्लेषण अलग तरह से होता है पर टीम प्रबंधन इस मामले में पूरी तरह से मेरा साथ देता है। कप्तान, कोच या किसी अन्य की तरफ से कोई दबाव नहीं है।

अब तक 77 टेस्ट मैचों में 48.66 की औसत से रन बनाने वाले पुजारा ने कहा, ‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब स्ट्राइक रेट की बात आती है तो लोग टीम प्रबंधन की राय की बात करने लगते हैं लेकिन मुझ पर इसका किसी तरह का दबाव नहीं होता है। टीम प्रबंधन मेरे खेल की शैली और उसके महत्व को समझता है।’ पुजारा ने कहा, ‘लोगों की एक व्यक्ति पर उंगली उठाने की आदत होती है लेकिन यह केवल मुझ तक सीमित नहीं है। अगर आप किसी भी टेस्ट सीरीज पर गौर करो जहां मैंने थोड़ा अधिक समय लेकर रन बनाए हों, वहां विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने भी उतनी ही अधिक गेंदें खेली हैं।