मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बना ली है. मध्य प्रदेश बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना, जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

मध्य प्रदेश में सियासी घमासान के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बना ली है. राजभवन ने मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के लिए रात 9 बजे का वक्त दिया था. शिवराज सिंह चौहान ने रात 9 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की चौथी बार शपथ ली.

चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज

शिवराज सिंह चौहान आज सीएम पद की शपथ लेने के बाद चौथी बार मध्य प्रदेश की कमान संभालेंगे. पहली बार वह 29 नवंबर 2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान 12 दिसंबर 2008 में दूसरी बार सीएम बने. 8 दिसंबर 2013 को शिवराज ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी.

जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण शपथ ग्रहण सादगी के साथ होगा. राजभवन के भीतर शपथ की तैयारी शुरू हो गई है. वहीं शिवराज के साथ मिनी कैबिनेट भी शपथ ले सकती है. माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में कम ही लोग हिस्सा लेंगे.

क्यों गिरी थी कमलनाथ सरकार?

हाल में ही मध्य प्रदेश से कमलनाथ सरकार की विदाई हुई है. दरअसल, कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. इसमें 6 मंत्री शामिल थे. स्पीकर ने मंत्रियों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था. इस्तीफे के कारण कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी, लेकिन फ्लोर टेस्ट कराने की बजाए सदन को स्थगित कर दिया गया था.

SC का आदेश और कमलनाथ का इस्तीफा

इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को तुरंत फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया. आदेश के बाद स्पीकर ने सभी 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर किया और फ्लोर टेस्ट से पहले ही कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.