13 साल पहले आज ही के दिन विराट कोहली की कप्तानी में वर्ल्ड चैंपियन बना था भारत

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स्पोर्ट्स डेस्क. कप्तान विराट कोहली तीनों फॉर्मेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाते हैं. विराट में लीडरशिप की जो खूबी आज नजर आती है. उसकी नींव 13 साल पहले ही डल गई थी. जब उनकी कप्तानी में आज ही के दिन भारत ने मलेशिया में हुआ अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था. तब फाइनल में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को एक रोमांचक मैच में 12 रन( D/L) से हराया था. ये दूसरा मौका था जब भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था.

2008 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और पापुआ न्यू गिनी के साथ ग्रुप-बी में रखा गया था. भारत लीग स्टेज के तीनों मुकाबले जीतकर ग्रुप में शीर्ष पर रहा. इसके बाद इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर भारत सेमीफाइनल में पहुंचा. सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला केन विलियम्सन की अगुवाई वाली न्यूजीलैंड से हुआ.

बारिश से बाधित इस मैच में भारत को जीत के लिए 43 ओवर में 191 रन का टारगेट मिला. जिसे टीम इंडिया ने 9 गेंद पहले 7 विकेट खोकर पूरा कर लिया. सेमीफाइनल में विराट का बल्ला चला और उन्होंने 43 रन की पारी खेली. दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया और फाइनल का रास्ता तय किया.

फाइनल में अजितेश अर्गल ने दो विकेट लिए थे

भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुआ फाइनल भी रोमांचक रहा. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 45.4 ओवर में 159 रन ही बनाए. तन्मय श्रीवास्तव(46) के अलावा कोई बल्लेबाज नहीं चला. बारिश के कारण मैच प्रभावित हुआ और दक्षिण अफ्रीका को 25 ओवर में 116 रन का टारगेट मिला. लेकिन कोहली की शानदार कप्तानी और अच्छी गेंदबाजी की बदौलत भारत 12 रन से मैच जीत गया. दक्षिण अफ्रीकी टीम निर्धारित ओवर में 8 विकेट पर 103 रन ही बना सकी. फाइनल मैच में दो विकेट लेने वाले अजितेश अर्गल मैन ऑफ द मैच रहे.

वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाले 4 खिलाड़ी भारत के लिए भी खेले

ये अंडर-19 वर्ल्ड कप सिर्फ कोहली के लिए ही नहीं, बल्कि फाइनल में खेले चार अन्य खिलाड़ियों के लिए भी अहम साबित हुआ. क्योंकि खिताबी मुकाबले में खेलने वाले विराट कोहली के अलावा रविंद्र जडेजा, सिद्धार्थ कौल, मनीष पांडे और सौरभ तिवारी आगे चलकर भारत के लिए भी खेले. खासतौर पर जडेजा तो आज वनडे में टीम इंडिया का अहम हिस्सा हैं. वे भारत के 168 वनडे खेल चुके हैं. टूर्नामेंट में बतौर कप्तान अपनी काबिलियत साबित करने के साथ ही विराट ने बल्ले से भी अपनी छाप छोड़ी थी. वो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर थे. तब भारतीय कप्तान ने 6 मैच में 235 रन बनाए थे. वे शीर्ष पांच बल्लेबाजों में से शतक लगाने वाले इकलौते थे. वहीं, भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में रविंद्र जडेजा सबसे आगे थे. उन्होंने टूर्नामेंट में 10 विकेट लिए थे. उनके अलावा इकबाल अबदुल्ला ने भी इतने भी विकेट झटके थे.

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