आज वायुसेना के विमान से प्रयागराज पहुंचे राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्‍द

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प्रयागराज, शनिवार को प्रयागराज में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का आगमन हुआ।कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति करीब छह घंटे संगमनगरी में रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना, कानून मंत्री किरन रिजिजू और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आयोजन में मौजूद रहेंगे।ऐतिहासिक इलाहाबाद हाई कोर्ट की प्रधानपीठ परिसर में मल्टी लेवल पार्किंग, अधिवक्ता चैंबर का शिलान्यास करने के अतिरिक्त वह झलवा में बनाए जाने वाले राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की आधारशिला भी रखेंगे।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि प्रयाग की धरती की पहचान शिक्षा के केंद्र के रूप में रही है। कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़े। महिलाओं में न्याय की समझ अधिकतम होती है। उनमें सबको न्याय देने की प्रवृत्ति सबसे ज्यादा हाती है। एक महिला ससुराल, माइका, पति और पुत्र में एक साथ समन्वय बनाती है।

राज्‍यपाल ने कहा कि 1925 में देश की पहली महिला वकील का पंजीकरण इलाहाबाद हाई कोर्ट में ही हुआ था। उन्‍होंने कहा कि अभी हाल ही में तीन महिला न्‍यायधीशों की नियुक्ति हुई है। कहा कि यह ऐतिहासिक है। उन्‍हांने कहा कि महिलाओं में न्‍याय देने की क्षमता होती है। न्‍यायपालिका में महिलाओं की भूमिका बढ़ने की आवश्‍ययकता उन्‍होंने बताई। अभी तक 12 फीसद से भी कम महिलाओं की की संख्‍या है, इसे बढ़ाने की आवश्‍यकता बताई। बोले कि सबको न्‍याय मिले इसके लिए काम करना होगा। सामान्‍य लोगों में न्‍यायपालिका के प्रति विश्‍वास जगाना होगा।

इलाहाबाद हाई कोर्ट से विभूतियां निकली हैं

राष्‍ट्रपति बोले कि सभी तक न्‍याय की पहुंच सुनिश्चित हो। सभी को आसारी से न्‍याय मिल सके। महिला, कमजोर वर्ग को न्‍याय आसानी से मिले। जिस उप्र प्रदेश विधि विश्‍वविद्यालय व हाई कोर्ट भवन का निर्माण कार्य होेने वाला है इसका शिलान्‍यास करके खुश हूं। कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट देश का चौथा स्‍थापित हाईकोर्ट है। यह न्‍याय प्रदान करने की जिम्‍मेदारी निभाता है। यहां की परंपरा महामना मदन मोहन मालवीय, टीबी सप्रू, मोतललाल नेहरू, पुरुषोत्‍तम दास टंडन जैसे विशिष्‍ट जन जुड़े थे, जिन्‍होंने भारत का गौरवशाल इतिहास लिखा।

राज्‍यपाल आनंदी बेन ने कहा कि प्रयागराज में हाई कोर्ट का भवन का शिलान्‍यास बेहतर कदम है। इससे आम जन को न्‍याय प्राप्‍त करने में देरी नहीं होगी। यह भवन आधुनिक तकनीक सुविधा से युक्‍त होगा। न्‍यायविद, अधिवक्‍ता, कर्मचारी व वादकारी सभी को इससे सुविधा प्राप्‍त होगी। प्राचीन भवन के आज बदलती आबादी को देखते हुए नए भवन की आवश्‍यकता थी, जिसका आज सपना पूरा हो रहा है। जल्‍द से जल्‍द भवन निर्माण की प्रक्रिया पूरी हो और सभी को इसका लाभ मिल सके।

इस अवर पर उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में उन परियोजनाओं का शिलान्‍यास हुआ है जिसकी वर्षों से तमन्‍ना प्रयागराज व उप्र के लोगों को थी। कहा कि उच्‍च न्‍यायलय पार्किंग व विधि विश्‍वविद्यालय की वर्षों से मांग थी। पीएम के मार्गदर्शन में उप्र सरकार लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयास कर रही है। आम व्‍यक्ति को न्‍याय उपलब्‍ध हो सके। कहा कि न्‍यायमूति आवास के लिए 611 आवास स्‍वीकृत थे 247 बन चुके हैं। 364 निर्माणाधीन हैं।

बोले सीएम- विधि विश्‍वविद्यालय डाक्‍टर राजेंद्र प्रसाद को हो स‍मर्पित

सीएम बोले कि आज डिजिटल युग है। आम लोगों को न्‍याय उपलब्‍ध कराने को हम सब ने डिजिटल हियरिंग के माध्‍यम से मसहूस किया है। प्रयागराज का उच्‍च न्‍यायालय एशिया का सबसे बड़ा उच्‍च न्‍नयायालय है 24 करोड उप्र की जनता न्‍याय प्राप्‍त करने यहां आती है। यहां जाम की समस्‍या का सामना करना पड़ता था। कुंभ के समय न्‍यायालय के द्वारा भरपूर सहयोग मिला था। कुंभ के अवसर पर सफलता मिली थी। उच्‍च न्‍यायालय के पास जाम की समस्‍या। मल्‍टीलेवल पार्किग सुविधा, वकीलों के चेंबर बनेंगे। इसकी वर्षों से मांग थी आज पूरा कर दिया गया। वर्षों से विधि विश्‍वविद्यालय की मांग थी। अगले सत्र में शुरू करने की बात कही। कहा कि राजेंद्र प्रसाद का प्रयागराज से संबंध था। हर कुंभ में डाक्‍टर राजेंद्र प्रसाद की स्‍मृतियां हैं। विधि विश्‍वविद्यालय राजेंद्र प्रसाद को समर्पित हो।

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