पंजाब के जेल मंत्री का मुख्तार के परिवार ने की आवभगत, बीजेपी बोली- चोर-चोर मौसेरे भाई

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मऊ की सदर सीट से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को लेकर पंजाब सरकार (Punjab Government) और यूपी सरकार (UP Government) में रार जारी है। आरोप है कि पंजाब सरकार के जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा यूपी आये है और उनकी आवभगत मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) का परिवार कर रहा है। भाजपा ने इसको लेकर सवाल खड़े किए हैं।

2 दिन के दौरे पर आए हैं यूपी

जानकारी के मुताबिक पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा दो दिन के दौरे पर यूपी शुक्रवार को पहुंचे हैं। उनके साथ पंजाब के दो आईएएस अफसर और कुछ अन्य सरकारी अधिकारी भी मौजूद हैं। आरोप है कि एयरपोर्ट से लेकर होटल तक सारा इंतजाम मुख्तार के परिवार ने जेलमंत्री के लिए किया है। बताया जा रहा है कि उनकी आवभगत में अब्बास नकवी, सईद अनवर और आसिफ खान ने की है। यह सभी मुख्तार से संबंध रखते हैं। यही नही जेलमंत्री के होटल ताज में मुख्तार के परिवार से मिलने की बात भी सामने आ रही है।

भाजपा ने कहा- चोर चोर मौसेरे भाई

वहीं भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कहा है कि इससे सिद्ध होता है कि चोर चोर मौसेरे भाई है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार मुख्तार को सजा दिलाने के लिए वापस लाना चाहते हैं लेकिन उनके मंत्री मुख्तार के परिजनों से मिल रहे हैं। उन्होंने कहा यह सब प्रियंका वाड्रा को नही दिख रहा है। वह महिलाओं की बात करती हैं लेकिन उन्हें उस महिला का दर्द नही दिख रहा जिसकी हत्या मुख्तार ने की है।

रंधावा ने कहा- मेरे साथ यूपी में दुर्व्यवहार हुआ

वहीं मीडिया से बातचीत में जेल मंत्री रंधावा ने कहा कि मैं यूपी सरकार (UP Government) को प्रोटेस्ट लेटर लिखूंगा। मेरे साथ यूपी में दुर्व्यहार किया गया है। उन्होंने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा है कि अगर उन्हें मुख्तार के परिवार से मिलना होता तो मैं उन्हें पंजाब बुला लेता। उन्होंने कहा मुख्तार को यूपी भेजना जेल विभाग के हाथ मे नही है। मैं यूपी सिर्फ बिजनेस मीटिंग के लिए आया हूँ।

मुख्तार को बचा रही है पंजाब सरकार (Punjab Government)

काफी पहले मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को पंजाब जेल में शिफ्ट किया जा चुका है। अब यूपी सरकार कई मामलों में सुनवाई के लिए मुख्तार को वापस लाना चाहती है लेकिन पंजाब सरकार इसमे अड़ंगा लगा रही है। मामले की सुनवाई सुप्रीमकोर्ट में चल रही है।

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