राम मंदिर निर्माण- चंदा के बहाने मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव पर टिकी सबकी निगाहें, क्या है बीजेपी का सियासी दांव?

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लखनऊ. चंदा के बहाने एक बार फिर सबकी निगाहें अपर्णा यादव पर टिकी हैं क्योंकि मिशन 2022 के लिए चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा के लिए अपर्णा का समर्पण निधि में योगदान समाजवादी पार्टी के लिए एक राजनीतिक संदेश भी साबित हो सकता है. जिस तरह समाजवादी पार्टी ने 2009 के आम चुनाव से पहले बीजेपी के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह को अपने पाले में करके एक संदेश दिया था, क्या कुछ ऐसी ही रणनीति पर भाजपा चल रही, यह देखना वाली बात होगी.

उत्तर प्रदेश में एक तरफ समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण (Ram Temple Construction) के लिये चलाये जा रहे निधि समर्पण अभियान को लेकर सूबे की सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधती नजर आ रही है. वहीं दूसरी तरफ कभी कारसेवकों पर गोली चलवाने के आरोपो से घिरे सपा सरंक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे निधि समर्पण अभियान से जुड़कर 11 लाख रूपये दान किए हैं. यही नहीं अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने मुलायम सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए अयोध्या में हुई घटना को भी बहुत दुखद बताया है.

सपा संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए 11 लाख रुपये का दान दिया है. इस दौरान उन्होंने मुलायम परिवार को लेकर भी बड़ा बयान दिया है.

अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने ट्वीट किया, ‘प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सेवक संघ अवध प्रांत कौशलजी की उपस्थिति में मैंने अपने और अपने कार्यकर्ताओं के सहयोग से श्री रामजन्म भूमि मंदिर निर्माण हेतु समर्पण निधि अभियान में 11 लाख 11,000 धनराशि का योगदान दिया.

बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला कहते हैं कि अयोध्या में जन्मभूमि पर मंदिर बनने का जबसे मार्ग प्रशस्त हुआ है तब से विश्वभर का रामभक्त आह्लादित है और मंदिर निर्माण में उसका भी कुछ योगदान हो इसके लिए निधि समर्पित कर रहा है, इसी तरह अपर्णा यादव ने भी मंदिर निर्माण में यथासंभव योगदान दिया है लेकिन अखिलेश यादव सरीखे नेता इसे चंदा का नाम देते हैं और हिकारत भरी बातें करते हैं. अखिलेश यादव को अपनी बहू अपर्णा यादव से सीख लेना चाहिए और देश के बहुसंख्यकों की भावनाओं से खेलने वाली बयानबाजी नहीं करनी चाहिए.

दूसरी तरफ अपर्णा यादव के समर्पण निधि देने के सवाल पर सपा अध्यक्ष अखिलसेश यादव बीजेपी को अवसरवादी पार्टी करार देते हैं. अखिलेश कहते हैं कि बीजेपी आपदा में अवसर तलाशती है. वहीं कांग्रेस नेता अशोक सिंह कहते हैं कि दान और चंदा में जमीन आसमान का अंतर होता है. दान स्वेच्छा से दिया जाता है. अपर्णा यादव ने दान दिया है वो मुलायम सिंह की बहू हैं. मुलायम सिंह के बयान भी समय-समय पर आते रहते है. लेकिन सवाल चंदा पर है. चंदा वसूलना स्वेच्छा नहीं हो सकता. अपर्णा यादव सपा की नेता हैं और आस्थावश दान दिया है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. आस्था हमारी भी है. आपकी भी है लेकिन पूरा देश देख रहा है कि चंदा कौन वसूल रहा है और दान कौन दे रहा है.

 

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