यूपी में राम मंदिर निधि समर्पण अभियान आज से समाप्त, 1900 करोड़ से ज्यादा धनराशि का अनुमान

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Ram temple
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अयोध्या. अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण (Ram Temple Construction) के लिये चलाये जा रहे निधि समर्पण अभियान 27 फरवरी यानि आज समाप्त हो जाएगा। निधि समर्पण अभियान के द्वारा 1900 करोड़ रुपए से ज्यादा निधि समर्पण श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास आ चुका है। जिन प्रांतों में देर से अभियान शुरू हुआ था, वहां एक महीना पूरा करने तक यह चलता रहेगा। यह जानकारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डा. अनिल मिश्र ने दी।

उन्होंने बताया- 1.5 टोलियां इस अभियान में लगी हैं, इसमें से 46 हजार निधि डिपाजिटर बने हैं। ये लोग अभी धनराशि को बैंकों में जमा कर रहे हैं, जिसमें भी समय लग सकता है। कितनी निधि इस अभियान में जमा हुई है उसका अधिकृत व सही आंकड़ा ट्रस्ट को अभी नहीं मिला है। राशि प्रांत वाइज जमा हो रही है, जिसका पूरा लेखा-जोखा मार्च के अंत तक ट्रस्ट तैयार करेगा।

निधि समर्पण अभियान पूरी तरह से सफल रहा

डा. मिश्र के मुताबिक अभियान पूरी तरह से सफल रहा है। इसमें धन संग्रह के साथ मंदिर निर्माण से जुड़ने वाले राम भक्तों का जन संग्रह हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों का राम मंदिर से जुड़ाव इस अभियान से हुआ है। साथ ही जाति संप्रदाय पंथ वह धर्म की बेड़ियां टूटी हैं। सभी ने राम मंदिर के लिए दान दिया है जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हैं।

1900 करोड़ से ज्यादा धनराशि जमा

मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि के मुताबिक अब 1900 करोड़ से ज्यादा निधि का समर्पण होने का अनुमान है। बहुत से डिपाजिटर का धनराशि बैंकों में जमा होने की पाइप लाइन में हैं। सही लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है जिसमें थोड़ा समय लगेगा।

60 फीसदी नींव की खोदाई का काम पूरा

इससे पहले ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया था कि मंदिर की नींव की खोदाई का काम 60 फीसदी पूरा हो गया है। बाकी 40 फीसदी का काम भी मार्च में पूरा हो जाएगा। उसी के बाद नींव में मैटेरियल की भराई का काम शुरू हो जाएगा। अब तक 12 मीटर तक की नींव की खोदाई हो चुकी है। जिसमें मजबूत मिट्टी की सतह मिली है। मंदिर निर्माण में कार्यरत इंजीनियरिंग कंपनियां व IIT चेन्नई के विज्ञानी नींव की डिजाइन तैयार कर इसका प्रजेंटेशन दे रहे हैं। अब इसको अंतिम रूप देना है कि इसमें मलबा हटाने के बाद किस तरह का मजबूत मैटेरियल भरा जाए। इसमें मिर्जापुर के पत्थ रों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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