पुलिस की नाकामी से हो रही ताबड़तोड़ हत्याएं, कैराना की तरह पलायन को मजबूर हुए लोग

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गोरखपुर: यूपी अपराध मुक्त हो चुका है…पुलिस के खौफ से अपराधी प्रदेश छोड़कर पलायन कर रहे है…अपराधियों के पास जेल या फिर सीधा उपर जाने का ही रास्ता बचा है…हर एक नागरिक को सुरक्षा की गारंटी दी जा रही है। जी हां, यह महज चुनावी मंच से दिए जाने वाले भाषणों के बोल हैं। यूपी की तो बात छोड़िए, यहां गोरखपुर की ही हकीकत भी इसके ठीक उल्टी है। यहां अपराधी नहीं, बल्कि अपराधियों के खौफ से मजबूर आम पब्लिक शहर छोड़कर जाने को मजबूर है।

खौफ का कैराना बन चुके गोरखपुर की हालत यह है कि पुलिस की नाकामी से जिले भर में बीते 7 दिनों के अंदर 7 लोगों की ताबड़तोड़ हत्याएं कर दी गई। हैरानी वाली बात तो यह है कि इनमें से अधिकांश मामलों में पुलिस न ही खुलासा कर सकी और न ही अज्ञात लाशों की पहचात तक कर सकी।

बेमौत मारे जा रहे लोग
जबकि दूसरी ओर ध्वस्त हो चुकी गोरखपुर की कानून व्यवस्था पर लगातार सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। यहां की घटनाओं को लेकर लगातार विपक्ष सरकार पर निशाना साधे हुए है। बावजूद इसके जिम्मेदारों के आंख और कान पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। लिहजा इन दिनों गोरखपुर जिले में शायद ही कोई ऐसा दिन बीत रहा है, जिस दिन कोई न कोई बेमौत मारा जा रहा है। बेखौफ अपराधियों के हौसले सिर चढ़कर बोल रहे हैं।

हर दिन हो रही हत्याएं
11वीं के छात्र अंकुर शुक्ला हत्याकांड का मामला शांत भी नहीं हुआ कि बीते रविवार को झंगहा इलाके में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हद तो तब हो गई, जब घटना के दो घंटे बाद पुलिस पहुंची। ग्रामीणों में पुलिस को लेकर इस कदर गुस्सा है कि उनका कहना है अगर पुलिस समय से आई होती तो यहां दो हत्याएं नहीं होती। इस घटना के 24 घंटे भी नहीं बीते कि बहन की शादी में डीजे बंद कराने को लेकर हुए विवाद में बरातियों ने चचेरे भाई को पीट- पीटकर मार डाला।

7 दिनों में हुई 7 हत्याओं से खौफ में शहर

  • 28 नवंबर: गोरखनाथ इलाके के 10 नंबर बोरिंग में शादी समारोह के दौरान दुल्हन के चचेरे भाई की पीट- पीटकर हत्या की दी गई। इसके बाद हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने लाश चिलुआताल बालापार टिकरिया मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया।
  • 28 नवंबर: झंगहा इलाके के जददुपुर गांव में चाचा- भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि तीन अन्य लोग बुरी तरह घायल है। वहीं, घटना की सूचना के दो घंटे बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। जिसकी वजह से हत्या हो गई। सोमवार को एसएसपी ने चौकी प्रभारी गोबड़ौर दिनेश कुमार साहनी को सस्पेंड कर दिया। वहीं, पुलिस ने मुख्य आरोपित गुलशन और विकास को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
  • 26 नवंबर: कोतवाली इलाके के होटल गंगेज के पास विवाहित बहन को पिटाई से बचाने के लिए मायके पहुंचे भाई की जीजा ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। सोमवार को मृतक के बहनोई अजय जायसवाल और उसकी मां सुभद्रा देवी को गिरफ्तार किया है। हालांकि घटना में अजय भी घायल हुआ था और वह उसी दिन से अस्पताल में भर्ती था।
  • 26 नवंबर: खोराबार इलाके के चांदमारी के ठीक सामने कुसम्ही जंगल में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर फेंकी गई लाश मिली। लाश की पहचान तक नहीं हो सकी।
  • 24 नवंबर: रामगढ़ताल इलाके के रामपुर में 11वीं के छात्र अंकुर शुक्ला की पीट- पीटकर हत्या की दी गई। पीड़ित परिवार बदमाशों के खौफ से घर छोड़कर पलायन कर रहा है। हालांकि इस मामले में एक आरोपी नाटकीय ढंग से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जबकि दूसरे एक अन्य आरोपी को ​पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में चल रहे विवाद में तत्कालीन इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने जबरदस्ती दोनों पक्षों से सुलह करा दिया था।
  • 22 नवंबर: बड़हलगंज के सिधुआपार में थाईलैंड से आई महिला पुष्पा देवी(37) की बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में 5 पट्टीदारों के नामजद होने के बाद भी अब तक एक की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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