RBI Credit Policy: ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया ऐलान

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कारोबार डेस्क। RBI Credit Policy Today 4 June 2021: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति  (MPC) की बैठक के नतीजे सामने आ गए हैं. शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. एमपीसी ने ब्याज दरों को लेकर एकोमोडेटिव रुख कायम रखा है. रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने बढ़ती महंगाई की वजह से पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है.

रिजर्व बैंक की ब्याज दरें

    • Policy Repo Rate: 4.00%

 

    • Reverse Repo Rate : 3.35%

 

    • Marginal Standing Facility Rate : 4.25%

 

    • Bank Rate : 4.25%

 

ग्रोथ को वापस लाने के लिए पॉलिसी सपोर्ट काफी अहम

शक्तिकांत दास ने कहा कि अच्छे मॉनसून की वजह से अर्थव्यवस्था पटरी पर वापस लौट सकती है. उन्होंने कहा कि ग्रोथ को वापस लाने के लिए पॉलिसी सपोर्ट काफी अहम है और मौजूदा माहौल में सभी तरह से पॉलिसी का सपोर्ट जरूरी है. शक्तिकांत दास का कहना है कि वित्त वर्ष 2021 में रियल GDP -7.3 फीसदी दर्ज की गई है और अप्रैल में महंगाई दर 4.3 फीसदी रही है.

RBI ने वित्त वर्ष 2022 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि ग्लोबल ट्रेड में सुधार से एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी होगी और कोरोना टीकाकरण से अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी. रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष में 2022 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 26.2 फीसदी से घटाकर 18.5 फीसदी कर दिया गया है. दूसरी तिमाही में 7.9 फीसदी, तीसरी तिमाही में 7.2 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.6 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान है. वित्त वर्ष 2022 में रियल जीडीपी के अनुमान को 10.5 फीसदी से घटाकर 9.5 फीसदी कर दिया गया है.

वित्त वर्ष 2022 में महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान
RBI ने वित्त वर्ष 2022 में महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. शक्तिकांत दास का कहना है कि वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 5.2 फीसदी, दूसरी तिमाही में 5.4 फीसदी, तीसरी तिमाही में 4.7 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.3 फीसदी महंगाई दर रह सकती है.

बता दें कि बुधवार को मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई थी. जानकारों ने पहले ही अनुमान जताया था कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर की वजह से उत्पन्न हुई अनिश्चचितता की वजह से MPC नीतिगत दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया जा सकता है. जानकारों ने मौजूदा समय में महंगाई में और बढ़ोतरी की आशंका की वजह से ब्याज दरों में किसी भी तरह के बदलाव की उम्मीद कम रहने का अनुमान लगाया गया था.

अप्रैल में नीतिगत ब्याज दरों में नहीं हुआ था कोई बदलाव
बता दें कि आरबीआई ने अप्रैल में नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने अप्रैल में रेपो रेट को 4 फीसदी पर स्थिर रखने का ऐलान किया था. आईबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए दास ने कहा था कि रेपो रेट को 4 फीसदी पर और रिवर्स रिपो रेट को 3.35 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला लिया गया है. अप्रैल की क्रेडिट पॉलिसी का ऐलान करते हुए आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास ने कहा था कि वित्तीय वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में यह 5 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2022 के पहली छमाही में यह 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. वहीं, तीसरी तिमाही और चौथी तिमाही में 4.4 प्रतिशत तथा 5.1 प्रतिशत की क्रमश: कमी होने की उम्मीद जताई थी।

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