धरने पर नियमित कर्मचारी, संविदा कर्मचरियों के भरोसे विभागों में होता रहा काम , नगर निगम समेत कई विभाग खाली

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लखनऊ: पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर एक तरफ नियमित कर्मचारी जहां ईको गार्डन में हुंकार भर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विभागों में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के माध्यम से काम होता रहा। लखनऊ के लोक निर्माण विभाग में ज्यादातर काम संविदा और आउटसोर्सिंग के कर्मचारी करते मिले। विभाग में जहां 10 लोग काम करते थे, वहां लोगों की संख्या की संख्या महज दो से तीन रही। काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि बाकी के साथी पुरानी पेंशन को लेकर लोग ईको गार्डन पहुंचे हैं।।

नगर निगम में भी करीब 25 फीसदी कर्मचारी पुरानी पेंशन के समर्थन में ईको गार्डन पहुंच गए थे। समाज कल्याण विभाग में केवल कप्यूटर ऑपरेटर ही बचे थे। समाज कल्याण विभाग चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ मुख्यालय के प्रांतीय महामंत्री शेख निसार अहमद ने बताया कि उनके यहां विभाग में सभी लोग आंदोलन के समर्थन में गए हैं। बताया कि कि यह करो या मरो की लड़ाई है। पुरानी पेंशन बहाल नहीं हुई तो कर्मचारी रिटायर होने के बाद खाने – खाने को मोहताज हो जाएगा। ऐसे में हम एक दिन का काम बंद करने को भी तैयार हैं। पूरे प्रदेश में मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने काम भी नहीं किया है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में सफाई का काम भी प्रभावित रहा।

विद्यालयों की भी यही स्थिति रही

लखनऊ समेत कई जिलों में सरकारी स्कूलों की भी यही स्थिति रही। बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत आने वाले ज्यादातर स्कूल के शिक्षक धरने में शामिल हो गए हैं। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी है। ऐसे में स्कूल में पढ़ाई नहीं हो पाई है। दरअसल, नई शिक्षकों को पेंशन का लाभ नहीं मिलना है। नई पेंशन नीति में इनको रिटायर होने के बाद अधिकतम 800 से 12000 रुपए का वेतन मिल पाएगा। कर्मचारियों और शिक्षकों का कहना है कि महंगाई के इस दौर से इस पेशे से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।

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