RBI का बड़ा फैसला- 6 महीने के लिए इस बैंक पर पैसा जमा करने और निकासी पर लगाई रोक…

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India-RBI) ने एक बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को आरबीआई ने कर्नाटक के डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड (Deccan Urban Co-Operative Bank Ltd) के ऊपर पाबंदी लगाने का ऐलान किया है. साथ ही पाबंदी से जुड़े दिशा निर्देश भी जारी कर दिया है।

आरबीआई के ओर जारी दिशानिर्देश के तहत अब बैंक तयशुदा शर्त के मुताबिक कामकाज कर सकेगा. RBI ने डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड (Deccan Urban Co-Operative Bank Ltd) के ऊपर यह पाबंदी फिलहाल 6 महीने के लिए लगाई है. वहीं मामले की जांच रिजर्व बैंक की ओर से शुरू कर दी गई है. रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के तहत डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड (Deccan Urban Co-Operative Bank Ltd) के खाताधारक फिलहाल 1 हजार रुपये से ज्यादा की निकासी नहीं कर सकेंगे. नए दिशानिर्देश के तहत चालू खाता और बचत खाता समेत सभी तरह के अकाउंट पर यह पाबंदी लागू प्रभावी होगी.

बैंक को नया कर्ज बांटने की अनुमति नहीं

रिजर्व बैंक की ओर जानकारी दी गई है कि बैंक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की जा रही है और उसके बाद भविष्य में फैसला लिया जाएगा. आरबीआई के दिशानिर्देश के तहत डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड (Deccan Urban Co-Operative Bank Ltd) खाताधारकों को नया कर्ज नहीं बांट सकता है और साथ ही बैंक में पैसा भी जमा नहीं किया जा सकता है. बैंक की मौजूदा स्थिति की देखते हुए आरबीआई की ओर से यह फैसला लिया गया है. RBI डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड के सभी लेन देन की जांच कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक के डूबने का खतरा पैदा नहीं हो इसके लिए आरबीआई की ओर से जमा और निकासी में संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है.

आरबीआई का कहना है कि डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड (Deccan Urban Co-Operative Bank Ltd) के ऊपर पाबंदी जांच के इरादे से लगाई गई है. RBI ने साफ किया है कि बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है. रिजर्व बैंक की ओर खाताधारकों को किसी भी अफवाह से बचने के लिए अपील जारी की गई है.

गौरतलब है कि मोदी सरकार 2021-22 के बजट में बताया था कि बैंक के डूबने की स्थिति में ग्राहक को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. मतलब यह कि अगर बैंक में 5 लाख रुपये से कम जमा है तो आपका पूरा पैसा सुरक्षित है लेकिन अगर 5 लाख रुपये से ज्यादा रकम खाते में जमा है तो बैंक के डूबने की स्थिति में ग्राहक को सिर्फ 5 लाख रुपये ही मिलेंगे. बता दें कि पहले मुआवजे की लिमिट एक लाख रुपये थी लेकिन बजट में इस लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है.

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