जिन्ना की चर्चा पर घिरे सपा प्रमुख अखिलेश यादव, भाजपा और बसपा ने किया तीखा प्रहार

0
110
.

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को हरदोई की एक जनसभा में संबोधन के दौरान महात्मा गांधी, सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू के साथ मोहम्मद अली जिन्ना का नाम भी जोड़ दिया, इससे उत्तर प्रदेश की सियासत में बहस शुरू हो गई है। अखिलेश ने जनसभा में मोहम्मद अली जिन्ना को आजादी का नायक बताया। कहा कि भारत की आजादी के लिए उन्होंने योगदान किया था। भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस बयान की तीखी आलोचना की है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि जिन्ना का महिमामंडन कर सपा प्रमुख देश तोड़ने वाली मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। अखिलेश यादव ने जिन्ना का नाम सरदार पटेल के साथ लेकर देश की एकता और अखंडता की सोच रखने वाले करोड़ों देशवासियों का अपमान किया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जिन्ना और जवाहरलाल नेहरू की महत्वाकांक्षा के कारण ही देश का बंटवारा हुआ। सरदार पटेल के साथ जिन्ना का गुणगान करना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश में सत्ता पाने की बेताबी में अखिलेश राष्ट्रीय हितों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। तुष्टिकरण को बढ़ावा देकर समाज को खंडित करने की कोशिश कर रहे हैं। स्वतंत्र देव ने कहा कि जनता सरदार पटेल को नीचा दिखाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। राष्ट्रवादियों का अपमान करने वालों को वर्ष 2022 में जनता सबक सिखाएगी।

विवादित बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चौतरफा घिरते जा रहे हैं। जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी उनके इस बयान की तीखी आलोचना कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी उन पर तीखा प्रहार किया है। मायावती ने अखिलेश के बयान को सपा-भाजपा की मिलीभगत बताया है।

बसपा चीफ मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव का जिन्ना को लेकर दिया गया बयान व उसे लपक कर भाजपा की प्रतिक्रिया यह इन दोनों पार्टियों की अंदरूनी मिलीभगत और इनकी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। ताकि यूपी विधानसभा आमचुनाव में माहौल को किसी भी प्रकार से हिंदू-मुस्लिम करके खराब किया जाए।

बता दें कि रविवार को हरदोई में समाजवादी विजय रथ यात्रा लेकर पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आज जो देश की बात कर रहे हैं वह जाति और धर्म में बांटने का काम कर रहे हैं। सरदार पटेल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्था में पढ़कर बैरिस्टर बनकर आए थे। उन्होंने आजादी दिलाई। उन्हें किसी भी तरह का संघर्ष करना पड़ा पर वे पीछे नहीं हटे। वह बोले कि एक विचारधारा…जिस पर पाबंदी लगाई थी। उसे सरदार पटेल ने लगाया था।

.