मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) समिति की बैठक आयोजित

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UP News A meeting of the Project Monitoring Group was held under the chairmanship of Chief Secretary Rajendra Kumar Tiwari
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लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) की राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एसएचपीएससी) की 10वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में 9वीं एसएचपीएससी में लिये गये निर्णयों के अनपालन में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंध मद में धनराशि का प्रयोग लेगेसी वेस्ट के निस्तारण के संबंध में समिति की अष्टम् बैठक में अनुमोदित कार्ययोजना के विषयगत संबंधित निकायों की विस्तृत कार्ययोजना यथा आवश्यकतानुसार नगर निगम एवं सीएण्डडीएस, उप्र जल निगम से तैयार कराकर निकायों को वित्त-पोषण किये जाने हेतु की जाने वाली कार्यवाही का अनुमोदन किया गया।

समिति के समक्ष विगत बैठक में दिये गए निर्देशों के अनुसार प्रदेश की 72 निकायों में विद्यमान लगभग 84.57 लाख टन लिगेसी वेस्ट के निस्तारण की कार्ययोजना लागत लगभग 422.00 करोड़ रुपये के सापेक्ष भारत सरकार द्वारा केन्द्रांश 85.46 करोड़ रुपये अवमुक्त किया जा चुका है, जिसके सापेक्ष राज्यांश 158.71 करोड़ रुपये अवमुक्त होना शेष है। बैठक में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत प्रदेश में 14 निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण प्लांट स्थापित किये जायेंगे, जिसके लिए गोरखपुर को 3197.90 लाख रुपये, सहारनपुर को 2403.30 लाख रुपये, फिरोजाबाद को 1729.76 लाख रुपये, रामपुर को 1670.72 लाख रुपये, अयोध्या को 1892.06 लाख रुपये, शाहरजहांपुर को 1319.33 लाख रुपये, मऊ को 1504.31 लाख रुपये, जालौन को 973.67 लाख रुपये, बहराइच को 994.48 लाख रुपये, बांदा को 786.73 लाख रुपये, कासगंज को 709.09 लाख रुपये, संभल को 806.65 लाख रुपये, गाजीपुर को 603.18 लाख रुपये और अंबेडकरनगर को 888.36 लाख रुपये की धनराशि अनुमोदित की गयी है।

उल्लेखनीय है कि शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन योजना के समयबद्ध रूप से सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है। इस समिति का प्रमुख उद्देश्य सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समय-समय पर स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा करना तथा आवश्यक दिशा-निर्देश देना है।

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