9/11 के हमले की बरसी पर हो सकता है तालिबान की सरकार का ऐलान

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  • नई दिल्ली। तालिबान जल्द ही अपनी नई सरकार का ऐलान कर सकते हैं।सोमवार को तालिबान के राजनीतिक दफ्तर के उप-प्रमुख अब्दुल सलाम हनफी ने चीन के राजदूत से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात काबुल मे हुई इस दौरान तालिबान ने अफगानिस्तान के विकास में चीन से मदद की अपील की है।अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि तालिबान 11 सितंबर यानी 9/11 के आतंकी हमले की बरसी के दिन नई सरकार का ऐलान किया जा सकता है। साथ ही कहा जा रहा है कि मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को तालिबानी सरकार का प्रमुख बनाया जा सकता है।अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार की कमान को तालिबान के दोहा गुट, कंधार गुट और आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के बीच विवाद की खबरें थीं। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की मदद से तालिबान के ऐसे सदस्य को सरकार की कमान सौंपी जा सकती है, जो ज्यादा बड़ा नाम नहीं हो। ये नेता मुल्ला हसन अखुंद हो सकता है।

    बता दें हसन अखुंद अफगानिस्तान में तालिबान की पिछली सरकार में मंत्री भी रह चुका है। वह तालिबान के बड़े फैसले लेने वाली रहबरी शूरा का प्रमुख है और तालिबान के गढ़ कंधार से ताल्लुक रखता है।ऐसी अटकलें हैं कि पिछले दिनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के काबुल दौरे के दौरान मुल्ला हसन अखुंद के नाम पर सहमति बन गई थी। बताया जा रहा है कि मुल्ला बरादर और मुल्ला याकूब को हसन अखुंद के डिप्टी की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के सिराज हक्कानी को भी कोई बड़ा मंत्रालय दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि तालिबानी सरकार का ऐलान बुधवार को किया जा सकता है।

    काबुल में लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
    अफगानिस्तान में पाकिस्तान के दखल के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट रहा है। काबुल में महिलाओं ने बीती रात पाकिस्तान के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसे तालिबान के जुल्मों और पाकिस्तान की घुसपैठ के खिलाफ प्रदर्शन बताया जा रहा है। वैसे तो अफगानिस्तान के अलग-अलग शहरों में महिलाएं पिछले कई दिनों से अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन काबुल में पहली बार रात में प्रदर्शन हुए हैं।

    बता दें तालिबान ने पंजशीर की जंग जीतकर पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा होने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि तालिबान ने पाकिस्तान की मदद से ये लड़ाई जीती है। रेजिस्टेंस फोर्स की अगुवाई कर रहे अहमद मसूद ने भी कहा है कि पाकिस्तान वायुसेना लगातार हमले कर रही है, ताकि तालिबान आगे बढ़ सके। अब हमारी असली लड़ाई पाकिस्तान से है, क्योंकि पाक सेना और ISI तालिबानियों का जंग में नेतृत्व कर रही है।

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