पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची देवदह गांव, भारत सरकार का आदेश आते कार्य होगा शुरू

0
11
.

महराजगंज: महराजगंज में महात्मा बुद्ध के तथागत ननिहाल बनरसिहा कला देवदह में पुरातत्व विभाग द्वारा 2.24 एकड़ भूमि जो तारबाड़ से संरक्षित किया गया है। उस भूमि का पुनः उत्खनन करने की मंशा से पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी द्वारा सर्वे किया गया। जिसे पुरातत्व विभाग नई दिल्ली भारत सरकार को पत्र भेजकर उत्खनन की अनुमति मांगी गयी है। महात्मा बुद्ध के ननिहाल बनरसिहा कला में पुरातत्व विभाग की टीम उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग के निर्देश पर पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी के नेतृत्व में पहुंची।

2.24 एकड़ भूमि का सर्वे किया गया

जहां गौतम बुद्ध के तथागत ननिहाल ग्राम पंचायत बनरसिहा कला देवदह में 2.24 एकड़ भूमि का सर्वे किया गया।।इस भूमि का वर्ष 1991 में पुरातत्व विभाग पटना के द्वारा पहली बार खनन हुआ था। इसके बाद यह योजना अधर में पड़ी रही। 31 वर्ष बाद देवदह को नया आयाम देने की मंशा से आमजन पटल पर रखकर विश्व के मानचित्र पर लाने के लिए विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग महल, देवदह टाइल का उत्खनन कराकर कुशीनगर व कपिलबस्तु की तरह पर्यटन स्थल के रुप में देवदह को विकसित करना चाहती है।

प्राचीन स्थल को नई पहचान मिलेगी

इसके लिए वर्षो से मांग कर रहे देवदह बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र राव ने कहा कि उत्खनन के बाद प्राचीन स्थल को नई पहचान मिलेगी। जिस से पुरातत्व सम्बन्धी धरोहर की पहचान बढ़ेगी और विश्व पटल पर देवदह की गरिमा बढ़ने के साथ ही क्षेत्र का विकास होगा। जिसके लिए पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी नरसिंह त्यागी समेत कई लोगों की टीम देवदह में पहुंचकर सर्वे किया गया है।

ढाई एकड़ में उत्खनन

इस सम्बन्ध में क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी गोरखपुर नरसिंह त्यागी ने बताया कि करीब ढाई एकड़ में राजमहल के भवन अवशेष का उत्खनन किया जायेगा। उत्खनन कार्य के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजा रहा है। स्वीकृति मिलते ही उत्खनन कार्य प्रारम्भ कर दिया जाएगा।

.